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  • EU से FTA फाइनल, ऐलान आज, किन सेक्टर्स को होगा सबसे ज्यादा फायदा?

    नई दिल्ली: करीब 4 साल से लगातार चल रही बातचीत के बाद भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच फ्री ट्रेड अग्रीमेंट (FTA) का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को भारत और यूरोपियन यूनियन के शिखर सम्मेलन में इसका ऐलान होगा। हालांकि असल में यह समझौता करीब सालभर बाद अगले वर्ष लागू होगा। इस समझौते


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    By Azad Hind Desk जनवरी 27, 2026
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    नई दिल्ली: करीब 4 साल से लगातार चल रही बातचीत के बाद भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच फ्री ट्रेड अग्रीमेंट (FTA) का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को भारत और यूरोपियन यूनियन के शिखर सम्मेलन में इसका ऐलान होगा। हालांकि असल में यह समझौता करीब सालभर बाद अगले वर्ष लागू होगा। इस समझौते से भारत के टेक्सटाइल्स, लेदर एंड फुटवियर, जेम्स एंड जूलरी, केमिकल्स और समुद्री उत्पादों जैसी चीजों पर यूरोपियन यूनियन में लगने वाले आयात शुल्क में बड़ी राहत मिलेगी।

    कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने सोमवार को कहा, ‘अधिकारियों के स्तर की बातचीत पूरी हो गई है। दोनों पक्ष बातचीत पूरी होने का ऐलान 27 जनवरी को करने वाले हैं।’ उन्होंने कहा, ‘भारत के लिहाज से यह व्यापार समझौता संतुलित है। इससे भारत और यूरोपियन यूनियन के आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे और दोनों जगहों पर निवेश भी बढ़ेगा।’ एक अन्य अधिकारी ने बताया, ‘बातचीत शुक्रवार को पूरी हुई और दोनों पक्षों ने इसे शनिवार को मंजूरी दी।’

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    शब्दावली पर काम

    उन्होंने बताया, ‘समझौते की कानूनी शब्दावली पर काम हो रहा है। 5-6 महीने में यह पूरा होने पर समझौते पर औपचारिक रूप से दस्तखत होंगे। इसके बाद दोनों देशों में इसे मंजूरी देने की प्रक्रिया शुरू होगी। भारत में कैबिनेट मंजूरी की जरूरत होगी। EU में वहां की संसद इसे स्वीकृति देगी, लेकिन ऐसा नहीं होगा कि यूनियन के 27 में से हर देश से इस पर मंजूरी लेनी होगी। उम्मीद है कि करीब सालभर में यह सब हो जाएगा और अगले साल के शुरू में डील लागू हो जाएगी।’

    वार्ता के 18 दौर चले

    भारत और EU ने FTA पर बातचीत 2007 में शुरू की थी। 2013 में कुछ मुद्दों को लेकर बातचीत अटक गई। इसके बाद जून 2022 में बातचीत फिर शुरू हुई और अब 18 दौर की वार्ता के बाद FTA फाइनल हुआ है। अभी भारतीय निर्यात पर EU का टैरिफ औसतन 3.8% है, लेकिन समुद्री उत्पादों पर यह 26% तक, केमिकल्स पर 12.8% तक, लेदर गुड्स पर 17% तक है। EU से आने वाली चीजों पर भारत का आयात शुल्क औसतन 9.3% के करीब है।

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