पहली बार स्कूल में अपने क्लासमेट के प्रति आकर्षित हुईं मृणाल अपने स्कूली आकर्षण के बारे में कहती हैं, ‘दूसरी कक्षा से लेकर सातवीं कक्षा तक एक लड़का मुझे बहुत पसंद था, मगर मैं इतनी शर्मीली थी कि कभी कुछ कह ही न नहीं पाई। मेरी हिम्मत ही नहीं हुई कि मैं मैं अपनी भावनाओं का इजहार कर पाती और उसके बाद मेरे पापा का ट्रांसफर हो गया और मैं दूसरे शहर चली गई, तो वो किस्सा एक कसक बन कर रहा गया। उसके बाद तो हमारे लिए हमारे आकर्षण फिल्मी हीरो ही रहे।’
ऋतिक, शाहिद और जॉन को लेकर थी पागल
अपने बचपन और ग्रोइंग इयर्स के अट्रैक्शन के बारे में वे हंसते हुए वे कहती हैं, ‘वो इनफैचुएशन नहीं बल्कि ऑब्सेशन था और वो था तीन हीरोज के प्रति। मेरी किताबों में इन हीरोज के कटआउट्स हुआ करते थे। उन फोटो के कटआउट्स को मैं छिपा-छिपा कर रखती थी और वो हीरो थे, ऋतिक रोशन, शाहिद कपूर और जॉन अब्राहम। आपको हंसी आएगी सुनकर, मगर जो साड़ी के बॉक्स आते थे, उस पर मैं और मेरी बहन इन हीरोज के फोटो काट कर चिपका देते और उन्हें बुकमार्क के रूप में संजो कर रखते थे। पापा को पता चलता कि हम लोग हीरोज के पिक्स काट-काट कर लगाते हैं, तो बहुत डांट पड़ती थी कि हम पढ़ाई के बजाय ये क्या कर रहे हैं? तकदीर देखिए, इन तीनों हीरोज के साथ मुझे काम करने का मौका मिला। रितिक के साथ मैंने सुपर 30 की, शाहिद कपूर के साथ जर्सी तो जॉन अब्राहम संग बाटला हाउस। मैं और मेरी बहन कई बार एक -दूसरे को देख कर बातें करते, हम लोग कहां से आए और आज कहां पहुंच गए। वाकई कई बार चूंटी काटने को दिल करता कि क्या ये सच है। सच में रितिक, जॉन और शाहिद के साथ काम करते हुए कई बार मंत्रमुग्ध भी हुई हूं। जॉन को हम जोनेमन बुलाते हैं। वो अक्सर मेरी बहन का हाल-चाल पूछने के लिए मुझे कॉल करते हैं। शाहिद को मैं एक एक्टर के रूप में बहुत पसंद करती हूं, तो कई बार मैं इतनी खो जाती कि अपने डायलॉग्स भूल जाया करती थी। शाहिद के साथ शूटिंग के पहले ही दिन मुझे थप्पड़ मारना था, मेरा तो कल्याण ही हो गया था। मैं बहुत नर्वस थी। वाकई बहुत ही अविश्वसनीय है ये जर्नी। मेरी बहन मेरा मेकअप भी करती है, तो आज ही सुबह वो रो पड़ी थी, ये सोचा कर कि हम जिस इंडस्ट्री में यहीं, हमने उसके बारे में सोचा ही नहीं था।’
सही समय पर शादी होना जरूरी है
मृणाल ठाकुर ने शादी के बारे में अपने विचार शेयर करते हुए उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है, चाहे वे मेरे पैरंट्स हों या किसी और के शादी के बारे में जो कहते हैं, गलत नहीं कहते। शादी समय पर होना जरूरी है। मैं पहले इस बात को नहीं समझती थी, मगर अब समझती हूं। जैसे हमारी हथेली की पांचों उंगलियां एक जैसी नहीं हो सकती, वैसे ही जिंदगी में सब कुछ एक समान नहीं हो सकता। पहले मैं सोचती थी कि करियर सेटल कर लूं तब शादी करूं, मगर अब ऐसा नहीं सोचती। हमारी इंडस्ट्री में कई हीरोइन ऐसी हैं, जिनकी शादी भी हो गई, करियर भी अच्छा चल रहा है और बच्चे भी हो गए हैं, क्योंकि आप अभी नहीं करेंगे, तो कब शादी करेंगे? साफ बात है कि शादी का प्रेशर मुझ पर था। मगर मैंने अपने माता-पिता को एक बात समझाई कि मुझे करने के लिए नहीं करनी शादी।’
भयंकर झगड़े के बाद भी वो मुझे गले लगाए
अपने भावी साथी को लेकर भी मृणाल ने हमसे बात की। उन्होंने कहा, ‘मुझे एक अच्छा इंसान मिल जाए, जिससे मेरा दिल भी मिले, हमारे बीच कंपैटिबलिटी हो और मुझे सारी चीजें आसान लगे, तो मैं बेशक झटपट कर लूंगी शादी। आज कल डिवोर्स रेट बढ़ गए हैं और शादियां करने से लोग कतराने लगे हैं। तो मुझे बेमेल शादी करके वो गलती नहीं करनी। मेरा तो बचपन से ख्वाब रहा है शादी करने का। मुझे लाल जोड़ा और लाल चूड़ियां पहनकर दुल्हन बनना है। मैं सिंदूर से अपनी मांग भरूं और मंगलसूत्र पहनूं। मुझे लगता है शादी हर लड़की का ख्वाब होता है, मगर बस जरूरत होती है एक ऐसे इंसान की, जिसे देखकर लगे हां, यही है वो। मैं जीवनसाथी के रूप में एक ऐसा लड़का चाहती हूं, जो मेरे मामले में हार न माने। मैं जानती हूं कि कई बार मैं जरूरत से ज्यादा इमोशनल हो जाती हूं। हर किसी में नेगेटिव ट्रेट्स होते हैं, मगर मुझे लगता है कि एक ऐसा इंसान हो जो भयंकर झगड़े के बावजूद मुझे गले लगाए। मृणाल रिलेशनशिप की अहमियत को समझाते हुए कहती हैं, ‘मेरे लिए तो रिलेशनशिप में सबसे अच्छी बड़ी बात ये है कि मैं जैसी हूं, मुझे उसी रूप में स्वीकार करें और तुम जैसे हो, मेरे लिए काफी हो। तुम्हारी खामियां मेरे लिए मायने नहीं रखती। मेरे लिए अहम है कि मैं तुम्हारे साथ खुश रहूंगी। रिलेशनशिप में एक-दूसरे का उत्थान करके अगर हम बेहतर इंसान बन पाएं, प्रोग्रेस और ग्रो करें।’













