‘सिर्फ बैटर नहीं बॉलर भी है आयुष’
पूर्व भारतीय स्पिनर सरनदीप सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में आयुष के सलेक्शन के पीछे की स्टोरी साझा की है, जो उनकी मेहनत, समर्पण और लगन को दिखाती है। सरनदीप ने कहा,’वह बेहद खुश था और मैं भी उसके लिए बेहद खुश था। वह निश्चित तौर पर इसके लायक है। हमने बेहद कड़ी मेहनत की है। ज्यादातर लोग आयुष को चौके-छक्के मारने वाले और लंबी-लंबी पारियां खेलने वाले फुलटाइम बैटर के तौर पर जानते हैं, लेकिन वह एक बेहतरीन ऑफ स्पिनर भी है। वह एक बेहतरीन ऑफ स्पिनर अपनी कड़ी मेहनत से बना है।’
‘बिना झिझके स्वीकार की है हर चुनौती’
सरनदीप ने आगे कहा,’मैंने पिछले साल उनसे कहा था कि बहुत अच्छा बल्लेबाज होने पर भी उन्हें घर जाने से पहले कम से कम सात ओवर बॉलिंग करनी चाहिए। आयुष ने यह चुनौती बिना झिझके स्वीकार की है। लंबे बैटिंग सेशन के बाद भी वह गेंद उठाता है और 7 ओवर गेंदबाजी करता है। कई बार वो इससे ज्यादा भी गेंदबाजी करता है। उसने अपनी ऑफ स्पिन गेंदों पर बहुत मेहनत की है।’
‘मैंने दी थी गेंदबाजी पर मेहनत की सलाह’
सरनदीप ने कहा,’मैंने आयुष से कहा था कि यदि वह बढ़िया ऑलराउंडर बनना चाहता है तो उसे अपनी स्पिन गेंदबाजी पर ज्यादा मेहनत करनी होगी। उसे अपना मजबूत हिस्सा बनाना होगा ताकि वह भारतीय टीम में फिट हो सके। अब उसकी ऑफ स्पिन गेंदबाजी बहुत बढ़िया है। उसकी गेंद तेजी से टर्न होती है और उसने कई तरह के वैरिएशन भी गेंदबाजी में शामिल किए हैं। वह कैरम बॉल और आर्म बॉल भी फेंकने लगा है। वह बहुत स्मार्ट क्रिकेटर है।’
विराट कोहली के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करने से मिली मदद
सरनदीप ने रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में विराट कोहली के आने से बाकी खिलाड़ियों पर हुए असर को भी स्वीकार किया है। उन्होंने कहा,’वह (आयुष) भाग्यशाली भी रहा है कि उसे विराट कोहली के साथ रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में ड्रेसिंग रूम शेयर करने का मौका मिला है। वह, प्रियांश आर्य और कई अन्य युवा क्रिकेटरों ने उस जैसे लीजेंड से काफी कुछ सीखा है। इस फेज ने आयुष को अपना खेल सुधारने में बड़ी मदद दी है।’














