बांग्लादेश और भारत के बवाल पर ICC एक्शन में, टी20 वर्ल्ड कप के मुकाबलों में कहां खेलेगी टीम?
1. पहले स्टेप-बाय-स्टेप समझ लीजिए क्या है पूरा विवाद
- बांग्लादेश के क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स ने 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा था।
- बांग्लादेश में हिंदुओं की बर्बर हत्याओं के चलते मुस्तफिजुर को लेकर KKR के मालिक शाहरुख खान पर हिंदू धर्म गुरुओं ने निशाना साधा।
- कई हिंदूवादी संगठनों ने मुस्तफिजुर को आईपीएल से रिलीज नहीं करने पर शाहरुख खान को कोलकाता में नहीं घुसने देने का ऐलान किया।
- हंगामा बढ़ता देखकर बीसीसीआई ने दूसरा खिलाड़ी चुनने का निर्देश केकेआर को दिया, जिसके बाद मुस्तफिजुर को रिलीज कर दिया गया है।
- मुस्तफिजुर को रिलीज करने के विरोध में बांग्लादेश सरकार ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी टीम भारत नहीं भेजने का ऐलान किया।
- बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भी आईसीसी को पत्र लिखकर भारत में अपनी टीम की सुरक्षा को खतरा बताते हुए मैच शिफ्ट करने की मांग की।
- मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने बांग्लादेश के मैचों का नया शेड्यूल तैयार करने का निर्देश दिया है।
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2. क्या होगा यदि बांग्लादेश के मैच शिफ्ट हुए
बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप-सी में है। इस ग्रुप में इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, नेपाल और इटली अन्य टीमें हैं। बांग्लादेश को ग्रुप लेवल पर इडेन गार्डंस कोलकाता में तीन मैच खेलने हैं। ये मैच वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और इटली के खिलाफ हैं। उसका एक ग्रुप मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल के खिलाफ तय है। बांग्लादेश ने कोलकाता में अपने खिलाफ माहौल होने का दावा किया है और इसी आधार पर मैच शिफ्ट करने की मांग की है।
यदि ये मैच शिफ्ट हुए तो इन दोनों बड़े क्रिकेट सेंटरों पर मैच के दिन होने वाले स्थानीय बिजनेस का करारा झटका लगा है। इसके अलावा बीसीसीआई को भी सेंट्रल-इवेंट मनी और ब्रॉडकास्ट रेवेन्यू का झटका सहना पड़ेगा। हालांकि यह आईसीसी के ऊपर है कि वो मैच को शिफ्ट करता है या किसी अन्य मैच से बदलकर बांग्लादेश को भारत के ही किसी अन्य शहर में खेलने के लिए कहता है।
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3. मैच टिकट रेवेन्यू का मोटा झटका लगेगा
बांग्लादेश के मैच इडेन गार्डंस या वानखेडे स्टेडियम से शिफ्ट करने पर आईसीसी को मैच टिकट सेल्स रेवेन्यू का मोटा झटका लगेगा। इस गणित को ऐसे समझा जा सकता है कि इडेन गार्डंस में अधिकतम 63,000 और वानखेडे में 33,000 दर्शक आ सकते हैं। बांग्लादेश के खिलाफ यदि माना जाए कि स्टेडियम पूरी तरह भरे रहते हैं तो तीन मैच के दौरान कोलकाता में 1,89,000 और वानखेड़े में 33,000 यानी कुल 2,22,000 दर्शक टिकट खरीदेंगे। वर्ल्ड कप की ऑफिशियल साइट पर बांग्लादेश बनाम इटली मैच का टिकट 100 रुपये से, वेस्टइंडीज बनाम बांग्लादेश मैच का टिकट 300 रुपये से और बांग्लादेश बनाम नेपाल मैच का टिकट 250 रुपये से शुरुआत दिखा रहा है। यदि आप इस रकम को भी 2,22,000 से गुणा करते हैं तो कोलकाता में तीन मैच से 2.52 करोड़ रुपये और मुंबई वाले मैच से 82,50,000 रुपये की कमाई आईसीसी को हो सकती है, जो मैच शिफ्ट होने पर उसे गंवानी पड़ेगी। बीसीसीआई को भी इससे रेवेन्यू का झटका लगेगा।
4. बीसीसीआई को किस तरह होनी है कमाई?
टी20 वर्ल्ड कप के आयोजन के लिए बीसीसीआई और आईसीसी के बीच एक कॉन्ट्रेक्ट हुआ है, जिसकी शर्तों के तहत टिकट पूरी तरह आईसीसी की प्रॉपर्टी हैं। बीसीसीआई का नाम महज होस्ट के तौर पर ही टिकट पर होगा। ऐसे में बीसीसीआई को टिकटों से कमाई होने के बजाय मैच के दिन ऑन-ग्राउंड होस्ट के तौर पर ऑपरेशनल अरेंजमेंट से कमाई होगी, जिसमें मुख्य तौर पर मैच-डे सरप्लस (अतिरिक्त दर्शकों का आना), लोकल स्पॉन्सरशिप और स्टेडियम के अंदर बिजनेस एक्टिवेशन शामिल है। मैच नहीं होने पर इनका नुकसान भारत को होगा।
5. बीसीसीआई रेवेन्यू को प्रभावित करने वाले 3 हालात
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में बांग्लादेश के मैच भारत से हटाए जाने पर बीसीसीआई को होने वाले नुकसान के लिए 3 स्थिति का आकलन किया गया है।
- पहली स्थिति- यदि मैच स्टेडियम से हटाए जाते हैं और भारत में उन वेन्यू पर कोई दूसरा मैच आईसीसी नहीं शेड्यूल करती है तो बीसीसीआई को 7 से 30 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।
- दूसरी स्थिति- यदि मैच हटते हैं और उनकी जगह आईसीसी दूसरे मैच भारत को देता है तो नुकसान कम होगा, क्योंकि टिकट्स बिक जाएंगे। हालांकि इसमें भी नुकसान होगा, क्योंकि बांग्लादेश की जगह कौन सी टीम का मैच मिलता है, ये टिकटों की डिमांड को प्रभावित करेगा।
- तीसरी स्थिति- यदि वेन्यू मौजूदा शेड्यूल में ही आपस में बदल दिए जाएं तो इससे रेवेन्यू का नुकसान तो घट जाएगा, लेकिन लॉजिस्टिक्स और रि-प्लानिंग कॉस्ट बढ़ जाएगी।
आईसीसी में भी स्थिति प्रभावित होगी बीसीसीआई की
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के मैचों पर क्या फैसला लेगी, यह तो एक-दो दिन में पता चलेगा। लेकिन फिलहाल जो तनाव भारत और बांग्लादेश के क्रिकेट संबंधों में पैदा हुआ है, उसका असर आईसीसी में बीसीसीआई के वर्चस्व पर पड़ेगा। दरअसल बीसीसीआई का आईसीसी में वर्चस्व केवल अपने क्रिकेट बाजार, स्पॉन्सर्स की उपलब्धता और रेवेन्यू जनरेटर वाली इमेज के कारण नहीं है। यह वर्चस्व आईसीसी में अपने फैसलों पर मंजूरी की मुहर लगवाने वाला वोटबैंक रखने के कारण भी है। आमतौर पर इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका भारत के खिलाफ रहते हैं, लेकिन भारत एशियाई देशों की वोट के दम पर अपने फैसले मंजूर कराता रहा है। एशियाई देशों के इस वोट बैंक में से पाकिस्तान पहले ही भारत से खफा है, लेकिन अब बांग्लादेश भी उसी तर्ज पर चला तो बीसीसीआई के पास आईसीसी में फुल टाइम मेंबर देशों के वोट घट जाएंगे। यह भी संभव है कि हिंदू-मुस्लिम मुद्दा बना तो गल्फ कंट्रीज के एसोसिएट मेंबर देश भी भारत का खेमा छोड़ दें। इससे आईसीसी में बीसीसीआई की ताकत बहुत कम हो जाएगी।













