• Sports
  • Explained: IPL ऑक्शन टेबल पर कैसे आया मुस्तफिजुर रहमान का नाम? जानें पूरी प्रक्रिया और कौन जिम्मेदार

    नई दिल्ली: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ चल रही हिंसा के कारण भारत में भावनात्मक उबाल जोरों पर है। इसका निशाना क्रिकेट भी बन गया है। इंडियन प्रीमियर लीग ( IPL 2026 ) में बांग्लादेशी क्रिकेटर के खेलने को लेकर लगातार चल रहे विरोध के बाद अब इस मामले में कार्रवाई की गई है। भारतीय


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 3, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ चल रही हिंसा के कारण भारत में भावनात्मक उबाल जोरों पर है। इसका निशाना क्रिकेट भी बन गया है। इंडियन प्रीमियर लीग ( IPL 2026 ) में बांग्लादेशी क्रिकेटर के खेलने को लेकर लगातार चल रहे विरोध के बाद अब इस मामले में कार्रवाई की गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ( BCCI ) ने कोलकाता नाइट राइडर्स ( Kolkata Knight Riders ) को अपने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान ( Mustafizur Rahman ) को रिलीज करने का आदेश दिया है। इसके बाद केकेआर ने मुस्तफिजुर रहमान को टीम से हटा भी दिया है। कई हिंदू संगठनों ने मुस्तफिजुर को खरीदने के लिए केकेआर के मालिक शाहरुख खान पर निशाना साधा है। साथ ही बीसीसीआई पर भी यह निशाना साधा जा रहा है कि उन्होंने बांग्लादेशी क्रिकेटरों को आईपीएल ऑक्शन का हिस्सा बनने की इजाजत क्यों दी है? ऐसे में आपको यह जान लेना चाहिए कि आईपीएल ऑक्शन में किसी खिलाड़ी के शामिल होने की प्रक्रिया क्या है? बीसीसीआई या आईपीएल टीम, किसकी मर्जी से खिलाड़ी ऑक्शन प्रोसेस का हिस्सा बनता है?

    केकेआर ने मुस्तफिजुर को हटाने की पुष्टि की

    केकेआर ने मुस्तफिजुर रहमान को टीम से हटाने की पुष्टि कर दी है। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने मीडिया को बताया था कि केकेआर को मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करके उनकी जगह दूसरा प्लेयर चुनने को कहा गया था। इसके बाद केकेआर ने मीडिया एडवाइजरी जारी करके इसकी पुष्टि कर दी है। केकेआर ने कहा है कि वह जल्द ही मुस्तफिजुर रहमान का रिप्लेसमेंट तय कर लेगी।

    पहले कराना होता है प्लेयर्स को रजिस्ट्रेशन

    किसी भी खिलाड़ी को आईपीएल ऑक्शन में हिस्सा लेने के लिए पहले अपना रजिस्ट्रेशन बीसीसीआई के पास कराना पड़ता है। यह रजिस्ट्रेशन प्रोसेस इंटरनेशनल प्लेयर्स के लिए उनके संबंधित क्रिकेट बोर्ड के जरिये बीसीसीआई के पास आता है। इसके बाद उसका नाम प्लेयर्स लिस्ट में शामिल होता है। हालांकि कई नामी प्लेयर्स सीधे भी बीसीसीआई से संपर्क करके आवेदन करते हैं। इसी दौरान हर खिलाड़ी को अपना बेस प्राइस भी तय करके रजिस्ट्रेशन करते समय बताना होता है।

    मुस्तफिजुर रहमान IPL में नहीं खेलेंगे, BCCI ने दिया आदेश, जानिए KKR की जेब को कैसे लगेगा झटका

    बीसीसीआई भेजता है हर टीम को रजिस्टर्ड प्लेयर्स की लिस्ट

    प्लेयर्स के रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन खत्म होने के बाद बीसीसीआई या आईपीएल गवर्निंग काउंसिल उनकी लिस्ट तैयार करते हैं और उसे सभी आईपीएल टीमों को भेजा जाता है। इस लिस्ट के आधार पर हर टीम को अपनी-अपनी विश लिस्ट बनानी पड़ती है। विश लिस्ट का मतलब है कि टीमें उन खिलाड़ियों का नाम बीसीसीआई की भेजी लिस्ट में से छांटती हैं, जिन पर ऑक्शन में बोली लगाने के लिए वे तैयार हैं।

    विश लिस्ट से बनती है फाइनल ऑक्शन लिस्ट

    हर टीम जब अपनी प्लेयर्स विश लिस्ट बीसीसीआई के पास भेज देती है तो पहले तैयार लिस्ट में से उन प्लेयर्स की छंटनी की जाती है। इस छंटनी के बाद जो नई लिस्ट तैयार होती है, उसमें केवल टीमों की तरफ से चुने गए प्लेयर्स के ही नाम होते हैं। हालांकि यह फाइनल ऑक्शन लिस्ट (Final Auction List) नहीं होती है। बीसीसीआई के पास इस लिस्ट में कुछ ऐसे प्लेयर्स का नाम शामिल करने की आजादी होती है, जिन्हें वो ऑक्शन के लायक मानता है। बीसीसीआई के चुने गए नाम शामिल होने के बाद फाइनल ऑक्शन लिस्ट तैयार होती है।

    मुस्तफिजुर रहमान पर KKR ने लुटाए 9.20 करोड़, फैंस को आया गुस्सा, बांग्लादेशी खिलाड़ियों का खेलना हुआ मुश्किल

    नीलामी के समय भी पूछी जाती है टीमों से उनकी इच्छा

    फाइनल ऑक्शन लिस्ट में से बल्लेबाज, गेंदबाज, ऑलराउंडर और विकेटकीपर के आधार पर अलग-अलग सेट तैयार किए जाते हैं। इन सेट के आधार पर नीलामी के दौरान खिलाड़ियों पर बोली लगाई जाती है। बोली लगाए जाने के दौरान बहुत सारे खिलाड़ी बिना बिके रह जाते हैं। ऐसे में ऑक्शन खत्म करने से पहले एक बार फिर टीमों से उनकी इच्छा पूछी जाती है, जिसमें टीमों को बताना होता है कि वे बिना बिके रह गए किसी प्लेयर पर बोली लगाना चाहेंगी या नहीं। टीमों के नाम बताने पर फिर से बोली शुरू की जाती है। इसके बाद ऑक्शन प्रोसेस पूरा होता है।

    टीमों की इच्छा वाला प्रोसेस, लेकिन वीटो पॉवर बीसीसीआई पर

    प्रोसेस को देखा जाए तो आईपीएल ऑक्शन में किन खिलाड़ियों को शामिल करना है, ये बात पूरी तरह से टीमों के हाथ में होती है। हालांकि इसका ‘वीटो पॉवर’ बीसीसीआई के पास ही होता है यानी बोर्ड जब चाहे किसी खिलाड़ी या देश को ऑक्शन प्रोसेस से बाहर कर सकता है। पाकिस्तान के प्लेयर्स को इसी पॉवर के जरिये बीसीसीआई ने बैन किया हुआ है। इस साल हैरी ब्रूक के भी ऑक्शन में आने पर बोर्ड ने इसी पॉवर के तहत बैन लगाया था।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।