इस मर्जर के बाद नई कंपनी का कामकाज भारत के साथ-साथ नाइजीरिया, नेपाल, थाईलैंड और श्रीलंका तक फैल जाएगा। KFC, Pizza Hut और Taco Bell के अलावा इस कंपनी के पास कोस्टा कॉफी, टी लाइव, न्यू यॉर्क फ्राइज और सनूक किचन जैसे ग्लोबल ब्रैंड्स के लाइसेंस भी होंगे। इस कदम से भारत में KFC और पिज्जा हट के लिए एक ही बड़ी फ्रेंचाइजी कंपनी बन जाएगी।
KFC-Pizza Hut चलाने वाली कंपनियों का होगा मर्जर, McDonald’s और Domino’s को मिलेगी टक्कर
शेयरों का क्या होगा?
मर्जर की शर्तों के मुताबिक सफायर फूड्स के हर 100 शेयरों के बदले निवेशकों को देवयानी इंटरनेशनल के 177 शेयर मिलेंगे। सफायर के प्रमोटर्स की 25.35% हिस्सेदारी में से 18.5% हिस्सा देवयानी इंटरनेशनल की एक ग्रुप कंपनी खरीदेगी और बाकी हिस्से का शेयरों में अदला-बदली (स्वैप) होगा।
कितना समय लगेगा?
अमेरिका की कंपनी Yum! Brands ने इस मर्जर को अपनी मंजूरी दे दी है। हालांकि, सरकारी और कानूनी मंजूरियां मिलने में अभी 12 से 15 महीने का वक्त लग सकता है। इसके बाद ही यह मर्जर पूरी तरह से प्रभावी होगा।
क्या है मकसद?
फिलहाल जुबिलेंट फूडवर्क्स (Domino’s चलाने वाली कंपनी) भारत की सबसे बड़ी फास्ट-फूड ऑपरेटर है। इसके 6 देशों में 3,480 स्टोर हैं। देवयानी इंटरनेशनल इस मर्जर के जरिए जुबिलेंट को कड़ी टक्कर देने और मुनाफे को बढ़ाने की तैयारी में है।
क्या होगा फायदा?
देवयानी के चेयरमैन रवि जयपुरिया ने कहा कि जुगलबंदी से कंपनी का खर्च कम होगा, टेक्नोलॉजी बेहतर और सप्लाई चेन मजबूत होगी, जिसका फायदा शेयरधारकों, ग्राहकों को मिलेगा। ग्लोबल ब्रैड्स KFC, पिज्जा हट, कोस्टा कॉफी और टैको बेल जैसे ब्रांड्स एक ही छत के नीचे आएंगे। इससे ग्राहक एक ही जगह इस सभी चीजों को खाने का लुत्फ उठा सकेंगे।














