वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में ईरान के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए चर्चा शुरू हो गई है। अमेरिका के जंगी हथियार अब मध्य पूर्व पहुंच चुके हैं। इसमें एफ-35 फाइटर जेट से लैस 2 परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर, थॉड एयर डिफेंस सिस्टम और कई सैनिक मध्य पूर्व पहुंच चुके हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय वाइट हाउस ने कहा है कि ट्रंप अभी भी ईरान के खिलाफ हमले को मंजूरी दे सकते हैं। ट्रंप लगातार अपने सहयोगियों पर ईरान के खिलाफ ‘निर्णायक’ कार्रवाई पर जोर दे रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों ने ट्रंप को बताया हमले का सच
अमेरिकी अधिकारी अब ईरानी सेना IRGC के ठिकानों पर सीमित हमले का विचार कर रहे हैं। यहीं नहीं अमेरिका का परमाणु एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन अब मध्य पूर्व पहुंच चुका है। इसके बाद भी अभी ट्रंप ने ईरान पर हमले का आदेश नहीं दिया है। वहीं अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान में प्रदर्शन में मरने वालों की तादाद 2000 से लेकर 3000 के बीच हो सकती है। वहीं संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी संस्थाओं का आकलन है कि हजारों ईरानी लोग इस देश व्यापी प्रदर्शन में मारे गए हैं। ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने 837 प्रदर्शनकारियों को फांसी देने के फैसले को कैसिंल कर दिया।
अमेरिका के पूर्व सैन्य अधिकारियों का कहना है कि केवल हवाई हमले से एक विदेशी शासन को हटना संभव नहीं है। एक पूर्व सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल डेविड डेप्तूला ने कहा है कि सैन्य विकल्प से ईरानी शासन के व्यवहार को कुछ बदला जा सकता है लेकिन सत्ता पलटने के लिए पर्याप्त संख्या में हवाई और जमीनी अभियान चलाना होगा। अमेरिका में चल रही चर्चा के बीच अमेरिकी सेना ने मध्य पूर्व में अपना जमावड़ा मजबूत कर लिया है। अमेरिका के एफ-15ई फाइटर जेट जॉर्डन में उतरे हैं। वहीं अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर भी ईरान के नजदीक पहुंच गया है। अमेरिका ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए थॉड और पेट्रियट मिसाइलों को इलाके में तैनात किया है।
ईरान ने दी जोरदार जवाबी हमले की धमकी
इस तैनाती से अब अमेरिका के पास हमले के लिए ज्यादा विकल्प हो गए हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री ने ईरान मामले को लेकर सऊदी अरब के विदेश मंत्री से बात की है। सऊदी की मदद के बिना अमेरिका ईरान में सैन्य अभियान ज्यादा देर तक चला नहीं पाएगा। इस बीच ईरान ने कहा है कि वह अपनी रक्षा के लिए हर हथियार का इ्स्तेमाल करेगा। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि अगर अमेरिकी हमला होता है तो उनका देश जवाबी हमला करने में कोई भी संयम नहीं बरतेगा। उन्होंने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी धमकी को लेकर यूरोप का भी मजाक उड़ाया। बता दें कि ईरान मिसाइल और ड्रोन के मामले में सुपर पावर है और इजरायल में उसने भारी तबाही मचाई थी। इससे अमेरिकी सैन्य अधिकारी भी टेंशन में हैं।













