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  • F-47 Jet: अमेरिकी सेना का हिस्सा बनने जा रहा छठीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट, ट्रंप ने बताया सबसे खतरनाक

    वॉशिंगटन: दुनिया में सबसे ज्यादा ताकतवर अमेरिकी आर्मी की शक्ति और बढ़ने जा रही है। उसे छठीं पीढ़ी का फाइटर जेट जल्दी ही मिल सकता है। F-47 अमेरिका के F-22 रैप्टर विमान की जगह लेगा। इसमें स्टील्थ तकनीक से लेकर सुपरसोनिक उड़ान बनाए रखने की अद्भुत क्षमता है। इसके चलते इसे अब तक बने लड़ाकू


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    By Azad Hind Desk जनवरी 22, 2026
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    वॉशिंगटन: दुनिया में सबसे ज्यादा ताकतवर अमेरिकी आर्मी की शक्ति और बढ़ने जा रही है। उसे छठीं पीढ़ी का फाइटर जेट जल्दी ही मिल सकता है। F-47 अमेरिका के F-22 रैप्टर विमान की जगह लेगा। इसमें स्टील्थ तकनीक से लेकर सुपरसोनिक उड़ान बनाए रखने की अद्भुत क्षमता है। इसके चलते इसे अब तक बने लड़ाकू विमानों में सबसे घातक कहा जा रहा है। स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना मीटिंग में बोलते ट्रंप ने इस जेट का जिक्र किया है। इस जेट को अगले चार साल में अमेरिकी एयरफोर्स का हिस्सा बनाया जा सकता है।

    डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अमेरिकी सेना के छठी पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट F-47 के बारे में बताते हुए कहा कि यह अब तक का सबसे खतरनाक प्लेन है। दावोस में ट्रंप ने कहा, ‘यह विमान स्पेशल होने वाला है। अगर मुझे यह पसंद नहीं आया तो मैं इसमें से 47 हटा दूंगा।’ विमान के नाम में 47 होने को ट्रंप के 47वें राष्ट्रपति होने से जोड़ा जाता है।

    F-47 फाइटर जेट की खासियत

    डोनाल्ड ट्रंप ने बताया है कि F-47 की स्पीड से लेकर मोबिलिटी और पेलोड के मामले में दुनिया का कोई भी लड़ाकू विमान इसके आसपास नहीं होगा। इस जेट की टेस्टिंग बीते साल से ही शुरू हो गई है। इस नए लड़ाकू जेट को 2030 तक अमेरिकी वायुसेना में शामिल किया जा सरत है। इस जेट की खूबियों की बात हम यहां कर रहे हैं।

    • F-47 अपनी रडार पर विजिबिलिटी कम करने के लिए एडवांस्ड स्टील्थ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है। इसके सेंसर सिस्टम इंटीग्रेटेड हैं। इस खूबी से पायलट टारगेट को ज्यादा असरदार तरीके से ट्रैक और एंगेज कर सकता है।
    • इस एयरक्राफ्ट का डिजाइन कैनार्ड तकनीक पर बना है, जिसमें कॉकपिट के पास छोटे पंख हैं। इस खूबी के चलते इसकी स्टेबिलिटी बेहतर होती है और यह उड़ान के दौरान सटीक मोड़ और पैंतरेबाजी कर पाता है।
    • F-47 जेट ka लंबी दूरी की लड़ाई के लिए डिजाइन किया गया है। यह एडवांस्ड मिसाइलों का इस्तेमाल करके दूर से ही टारगेट को निशाना बना सकता है। साथ ही यह नजदीकी डॉगफाइट को भी संभाल सकता है।
    • F-47 ऑटोनॉमस ड्रोन के साथ मिलकर काम कर सकता है। इन कोलैबोरेटिव कॉम्बैट एयरक्राफ्ट कहा जाता है। ये ड्रोन मिशन में मदद करते हैं। आधुनिक युद्धों में ड्रोन के बढ़ते खतरे को देखते हुए ये खास हो जाता है।
    • इसमें बोइंग के YF-118G बर्ड ऑफ प्रे के डिजाइन एलिमेंट लिए गए हैं। इसे ज्यादा मारक बनाने के लिए डिजाइन में स्टेबिलिटी के लिए एंगल वाले पंख और बेहतर एयरोडायनामिक्स के लिए घुमावदार नाक है।
    • F-47 में पुराने फाइटर जेट की तुलना में काफी ज्यादा रेंज है। इसके चलते इसको आसानी से तैनात किया जा सकता है। जेट को अलग-अलग लड़ाई की स्थितियों के हिसाब से ढलने के लिए तैयार किया गया है।
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