स्मार्टफोन से कैसे पता करें दवा असली या नकली
यह समझना बहुत जरूरी है कि क्यूआर कोड वेरिफिकेशन सिस्टम कैसे काम करता है। आपको बस अपने स्मार्टफोन पर एक क्यूआर स्कैनर (QR scanner) की जरूरत होगी। आजकल ज्यादातर फोन कैमरों में यह सुविधा पहले से ही होती है। दवा की पैकिंग पर एक क्यूआर कोड छपा होता है। इस कोड को फोन से स्कैन करना होगा। कोड स्कैन करते ही दवाई की जरूरी जानकारी आपके स्मार्टफोन पर आ जाएगी। इसमें बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और मैन्युफैक्चरर लाइसेंस नंबर शामिल है।
कैसे पता चलेगा दवा असली है?
अगर स्कैन करने पर दिखाई गई जानकारी पैकिंग पर छपी जानकारी से मेल खाती है, तो इसका मतलब है कि दवा असली है। लेकिन, अगर स्कैन करने पर “No Record” पेज आता है या जानकारी मेल नहीं खाती है, तो आपको तुरंत सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) को इसकी रिपोर्ट करनी चाहिए।
ये स्टेप्स करें फॉलो
- सबसे पहले दवा की पैकिंग पर क्यूआर कोड ढूंढें।
- यह कोड अभी भारत की टॉप 300 दवा ब्रांडों के लिए जरूरी है।
- फिर अपने फोन के कैमरे या किसी क्यूआर स्कैनर ऐप से कोड को स्कैन करें।
- स्क्रीन पर दिखाई गई जानकारी को पैकिंग पर छपी जानकारी से मिलाएं। अगर डेटा मेल नहीं खाता है या कोई रिकॉर्ड नहीं मिलता है, तो CDSCO को इसकी सूचना दें।
- एक बात का ध्यान रखना जरूरी है। अभी सभी दवाओं पर क्यूआर कोड नहीं हैं। यह नियम फिलहाल सिर्फ टॉप 300 दवा ब्रांडों पर लागू होता है। लेकिन उम्मीद है कि आने वाले समय में ये सभी दवाईयों पर मिलेगा।














