संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी का व्रत 5 फरवरी गुरुवार के दिन पड़ रहा है। पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को इसे मनाया जाएगा। भगवान गणेश को समर्पित यह व्रत करने से व्यक्ति के जीवन से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
विजया एकादशी
विजया एकादशी का भगवान विष्णु को समर्पित व्रत है। पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष को यह त्योहार मनाया जाएगा। इस बार 13 फरवरी 2026, शुक्रवार को यह पड़ रहा है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान राम ने युद्ध पर जाने से पहले यह व्रत किया था।
महाशिवरात्रि
भगवान शिव को समर्पित महाशिवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। ऐसे में इस बार 15 फरवरी, रविवार को यह पर्व पड़ रहा है।
फाल्गुन अमावस्या
फाल्गुन मास की अमावस्या का व्रत इस बार 17 फरवरी को रखा जाएगा। इस दिन को पितरो की शांति के लिए उत्तम दिन माना जाता है। बता दें कि साल भर में पड़ने वाली 12 अमावस्या तिथि में से फाल्गुन मास की अमावस्या अंतिम अमावस्या होती है।
आमलकी एकादशी
फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को आमलकी एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ -साथ आंवले के पेड़ की भी पूजा होती है। इसे रंग भरी एकादशी भी कहा जाता है। इस बार 27 फरवरी 2026, शुक्रवार के दिन यह व्रत पड़ रहा है।
होलाष्टक प्रारंभ
होली के त्योहार से आठ दिन पहले होलाष्टक लग जाता है। इस अवधि के दौरान किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने क्रोध में आकर कामदेव को भस्म किया था। इस बार होलाष्टक की शुरुआत 24 फरवरी 2026, मंगलवार से हो रही है।













