अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने कहा कि सोने और चांदी ने लगातार चौथे दिन जोरदार तेजी जारी रखी। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत बुधवार को 1,500 रुपये चढ़कर 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। मंगलवार को पीली धातु 1,45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुई थी। वहीं मंगलवार को 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई चांदी बुधवार को 5.5 फीसदी यानी 15,000 रुपये की तेजी के साथ 2,86,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
Gold Silver Closing: चांदी क्या करके मानेगी, 3 दिन में 27,500 रुपये उछली, सोना भी रोज तोड़ रहा रिकॉर्ड, अब इतने हो गए दाम
जादुई आंकड़े पर पहुंचने वाला है सोना
सोना अब डेढ़ लाख रुपये के जादुई आंकड़े से मात्र 3500 रुपये दूर है। जनवरी में इसमें जिस तरह से तेजी आई है, उससे लगता है कि सोना इसी महीने इस आंकड़े तक पहुंच जाएगा। पिछले चार सत्रों में सोने की कीमत 1,40,500 रुपये से 6,000 रुपये यानी 4.3 प्रतिशत बढ़ चुकी है। साल की शुरुआत से अब तक सोने में कुल 8,800 रुपये यानी 6.4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है।
चांदी में कितनी तेजी?
मंगलवार को 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई चांदी बुधवार को 5.5 प्रतिशत यानी 15,000 रुपये की तेजी के साथ 2,86,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। यह चांदी के भाव का अब तक का सर्वोच्च स्तर है। पिछले चार सत्रों में ही यह धातु 17.45 प्रतिशत यानी 42,500 रुपये की जबरदस्त बढ़त हासिल कर चुकी है। आठ जनवरी को चांदी की कीमत 2,43,500 रुपये थी।
सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि चांदी ने हाल के समय में सोने की तुलना में बेहतर रिटर्न दिया है। वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक चांदी ने लगभग 47,000 रुपये प्रति किलो यानी 20 प्रतिशत की तेजी दिखाई है। यह 31 दिसंबर, 2025 को 2,39,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी।
क्यों आई सोना-चांदी में तेजी?
घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की तेजी विदेशी बाजारों के तेज रुझानों के अनुरूप है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाजिर चांदी ने पहली बार 91 डॉलर प्रति औंस की सीमा पार करते हुए पांच प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 91.56 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड बना दिया। इस दौरान सोने का हाजिर भाव भी 1.14 प्रतिशत चढ़कर 4,640.13 प्रति औंस के नए रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
विशेषज्ञों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर लगातार भू-राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति, कमजोर डॉलर सूचकांक और अमेरिका में मुद्रास्फीति के नरम आंकड़े निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्पों की मांग को बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर में कटौती की उम्मीदों ने भी सोना और चांदी को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाया है।
(पीटीआई इनपुट के साथ।)













