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  • Google का ‘विभीषण’, पूर्व कर्मचारी कर रहा था चीनी कंपनियों के लिए जासूसी और चुराया सीक्रेट डेटा

    गूगल के एक पूर्व कर्मचारी ने ही उसे धोखा दिया। कंपनी के पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर लिनवेई डिंग (linwei ding) पर चीनी कंपनियों के लिए अमेरिकी टेक दिग्गज गूगल के AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) व्यापार के रहस्यों को चुराने का आरोप था। बुधवार को सैन फ्रांसिस्को में डिंग को एक संघीय जूरी ने दोषी पाया। डिंग ने


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    By Azad Hind Desk जनवरी 30, 2026
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    गूगल के एक पूर्व कर्मचारी ने ही उसे धोखा दिया। कंपनी के पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर लिनवेई डिंग (linwei ding) पर चीनी कंपनियों के लिए अमेरिकी टेक दिग्गज गूगल के AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) व्यापार के रहस्यों को चुराने का आरोप था। बुधवार को सैन फ्रांसिस्को में डिंग को एक संघीय जूरी ने दोषी पाया। डिंग ने गुप्त रूप से काम कर रही दो चीनी कंपनियों के लिए यह चोरी की थी।

    Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी न्याय विभाग ने गुरुवार को जानकारी दी है कि गूगल के पूर्व कर्मचारी ने कंपनी के AI व्यापार के रहस्य चुराकर चीन की दो कंपनियों को दिए। बता दें कि 38 साल के चीन के नागरिक डिंग को 11 दिन चली सुनवाई के बाद आर्थिक जासूसी के सात मामलों और व्यापार रहस्यों की चोरी के सात मामलों में दोषी ठहराया गया। उन पर हजारों पन्नों की गोपनीय जानकारी चुराने का आरोप था।

    हो सकती है 15 साल तक की सजा

    बता दें कि आर्थिक जासूसी के हर मामले में अधिकतम 15 साल की जेल और 5 मिलियन डॉलर का जुर्माना हो सकता है। वहीं, व्यापार रहस्यों की चोरी के हर मामले में अधिकतम 10 साल की जेल और 2,50,000 डॉलर का जुर्माना हो सकता है। न्याय विभाग के अनुसार, डिंग 3 फरवरी को एक स्टेटस कॉन्फ्रेंस के लिए पेश होंगे। डिंग के वकील ने टिप्पणी के अनुरोध पर तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।

    मार्च 2024 में डिंग पर व्यापार रहस्यों की चोरी के चार मामलों का आरोप लगाया गया था। डिंग का मामला 2023 में बिडेन प्रशासन द्वारा बनाई गई एक अंतर-एजेंसी Disruptive Technology Strike Force के जरिए कोऑर्डिनेट किया गया।

    चोरी की ये जानकारी

    अभियोजन पक्ष (prosecutors) ने कहा कि डिंग ने उस हार्डवेयर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म के बारे में जानकारी चुराई, जिससे गूगल के सुपरकंप्यूटिंग डेटा सेंटर बड़े AI मॉडल को ट्रेन करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, चुराई गई कुछ चिप ब्लूप्रिंट्स का उद्देश्य गूगल को क्लाउड कंप्यूटिंग प्रतिद्वंद्वियों (AMZN.O) और Microsoft (MSFT.O) पर बढ़त दिलाना था, जो अपनी चिप्स डिजाइन करते हैं। साथ ही, यह गूगल की Nvidia (NVDA.O) से चिप्स पर निर्भरता को कम करने के लिए भी था।

    बहुत पावरफुल होते हैं सुपरकंप्यूटर

    बता दें कि AI मॉडल को ट्रेनिंग देने के लिए सुपरकंप्यूटिंग डेटा सेंटर बहुत पावरफुल कंप्यूटर होते हैं। ये मॉडल इंसानों की तरह सोचने और सीखने की क्षमता रखते हैं। चिप ब्लूप्रिंट्स असल में उन खास चिप्स के डिजाइन होते हैं, जो इन कंप्यूटरों को और तेज बनाते हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, डिंग ने मई 2019 में Google में अपनी नौकरी शुरू की थी। उसने तीन साल बाद चोरी शुरू की, जब उसे एक शुरुआती चरण की चीनी प्रौद्योगिकी कंपनी में शामिल होने के लिए लुभाया जा रहा था। गूगल पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है और कंपनी ने कहा है कि उसने कानून प्रवर्तन के साथ सहयोग किया है।

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