दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की बात करें तो 2024 में इनकी हिस्सेदारी 6% थी, जो जनवरी-सितंबर 2025 के दौरान बढ़कर 8.1% तक पहुंच गई थी। लेकिन, GST घटने के बाद दिसंबर 2025 की तिमाही में इनकी बिक्री कम हुई, जिससे पूरे साल 2025 में दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल हिस्सेदारी घटकर 6.3% रह गई। इसी तरह पैसेंजर वीकल (PV) सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 2024 में 2.5% से बढ़कर 2025 में लगभग 4% हो गई। वहीं, इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों (ई-रिक्शा को छोड़कर) की हिस्सेदारी में जबरदस्त उछाल आया। यह 2024 में 12% से बढ़कर 2025 में 18% हो गई।
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कितनी रही बिक्री
भले ही इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी पर थोड़ा दबाव पड़ा हो, लेकिन उनकी कुल बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। Vahan डेटा के अनुसार, 2025 में दोपहिया, तीन-पहिया, कार और SUV सहित सभी बैटरी-संचालित इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल बिक्री 16% बढ़कर 22.7 लाख यूनिट हो गई, जो 2024 में 19.5 लाख यूनिट थी। इलेक्ट्रिक दोपहिया सेगमेंट में बिक्री 11% बढ़ी और यह 12.8 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जबकि 2024 में यह 11.5 लाख यूनिट थी।
इलेक्ट्रिक यात्री वाहन सेगमेंट (हाइब्रिड को छोड़कर) ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया। इनकी बिक्री 77% बढ़कर 1.8 लाख यूनिट हो गई, जो 2024 में लगभग 99,500 यूनिट थी। इस वृद्धि का मुख्य कारण मौजूदा कंपनियों का विस्तार और नई कंपनियों का बाजार में आना रहा। इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहनों की बिक्री में भी 15% की वृद्धि हुई और यह 8 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जबकि 2024 में यह 6.9 लाख यूनिट थी। ई-रिक्शा कुल इलेक्ट्रिक तीन-पहिया बिक्री का लगभग 70% हिस्सा रहे।












