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  • Henderson Brooks-Bhagat report: एक ऐसी किताब, जिस पर किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी को घेरा

    नई दिल्ली: पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की एक विवादित किताब को लेकर देश में सियासी बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी उसी का सहारा लेकर लोकसभा में बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरना चाहते थे, जिसे रक्षा मंत्रालय से बेचने की अनुमति भी अभी नहीं मिली है। अब संसदीय


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    By Azad Hind Desk फरवरी 6, 2026
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    नई दिल्ली: पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की एक विवादित किताब को लेकर देश में सियासी बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी उसी का सहारा लेकर लोकसभा में बीजेपी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरना चाहते थे, जिसे रक्षा मंत्रालय से बेचने की अनुमति भी अभी नहीं मिली है। अब संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल को घेरने के लिए एक और किताब का हवाला दिया है, जिसे सरकार ने कभी डिक्लासीफाइड नहीं किया। यह 1962 के भारत-चीन युद्ध पर एक रिपोर्ट से जुड़ा है।

    हेंडरसन ब्रूक्स-भगत रिपोर्ट पर बोले रिजिजू

    केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने 1962 के भारत-चीन युद्ध पर हेंडरसन ब्रूक्स-भगत रिपोर्ट को क्लासीफाइड रखने के सरकार के फैसले का समर्थन किया है। उनकी यह प्रतिक्रिया पूर्व आर्मी चीफ एम एम नरवणे की उस किताब को लेकर हो रहे विवाद पर आई है, जिसे रक्षा मंत्रालय से समीक्षा के लिए रोके जाने के बावजूद राहुल गांधी उसके अंदर के कथित विषय-वस्तु बताकर हवाला दे रहे हैं।

    अबतक सीक्रेट है 1962 के युद्ध पर रिपोर्ट

    एक्स पर एक पोस्ट में रिजिजू ने 1962 के युद्ध पर आई इस रिपोर्ट को संवेदनशील रक्षा दस्तावेज बताया है और कहा है कि इसका राजनीतिक इरादे से इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, ‘हमारी सरकार की अगुवाई एक परिपक्व नेता के हाथों में है। 1962 से हेंडरसन ब्रूक्स-भगत कमीशन की रिपोर्ट को सीक्रेट रखा गया है।’

    ‘नेहरू सरकार को दोषी ठहराया गया है’

    रिजिजू ने आगे लिखा है, ‘इसमें चीनी पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी के हाथों शर्मनाक हार के लिए नेहरू सरकार को दोषी ठहराया गया है। हमारी सरकार ने इसे कभी डिक्लासीफाइड नहीं किया, क्योंकि यह रक्षा से जुड़ा मसला है, इसका इस्तेमाल राजनीतिक हथियार की तरह नहीं किया जा सकता।’

    हेंडरसन ब्रूक्स-भगत रिपोर्ट में क्या है

    एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार हेंडरसन ब्रूक्स-भगत रिपोर्ट को लेफ्टिनेंट जनरल हेंडरसन ब्रूक्स और ब्रिगेडियर जनरल प्रेमिंद्र सिंह भगत ने तैयार की थी और तत्कालीन कार्यकारी सेना प्रमुख जनरल जे एन चौधरी के द्वारा कमीशन की गई थी। इसमें 1962 के भारत-चीन युद्ध में भारतीय सेना के ऑपरेशन की समीक्षा की गई थी। लेकिन, तब से यह रिपोर्ट सीक्रेट ही रख गई है।

    पूर्व आर्मी चीफ की किताब पर विवाद

    दरअसल, विवाद लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा से शुरू हुआ। राहुल गांधी बार-बार मनाही के बावजूद नरवणे के उस ‘संस्मरण’ से कुछ कोट करना चाहते थे, जिसे अभी तक डिफेंस मिनिस्ट्री की मंजूरी भी नहीं मिल पाई है। बाद में इसी किताब के कोट के दावे के साथ कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया पर एक एआई वीडियो जारी किया, जिसमें 2017 के डोकलाम संघर्ष का जिक्र था।

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