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  • Holika Dahan 2026 Puja Samigiri : होलिका दहन पूजन सामग्री लिस्ट, होलिका पूजन से पहले देख लें ताकि पूजा में न हो चूक

    होली का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। होली का पर्व मुख्य रुप से दो दिन मनाया जाता है। पहले होलिका दहन और फिर अगले दिन दुल्हेंडी यानी रंगों से होली खेली जाती है। होलिका दहन के दिन सुबह में पहले होलिका की पूजा की जाती है इसके बाद शाम में प्रदोष


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    By Azad Hind Desk फरवरी 26, 2026
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    होली का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। होली का पर्व मुख्य रुप से दो दिन मनाया जाता है। पहले होलिका दहन और फिर अगले दिन दुल्हेंडी यानी रंगों से होली खेली जाती है। होलिका दहन के दिन सुबह में पहले होलिका की पूजा की जाती है इसके बाद शाम में प्रदोष काल के दौरान होलिका दहन किया जाता है। सदियों से परंपरा चली आ रही है कि होलिका दहन का अग्नि में कई तरह की सामग्रियां डाली जाती हैं। पंचांग दिवाकर की गणना के अनुसार, अबकी बार होलिका दहन 2 मार्च को किया जाएगा। बता दें कि होलिका दहन की पूजा कुछ सामग्री के बिना अधूरी मानी जाती हैं। आइए जानते हैं होलिका पूजन की पूरी सामग्री।

    होलिका पूजन सामग्री लिस्ट

    1) नारियल
    2) गुलाल
    3) रोली
    4) धूप
    5) फूल
    6) गाय के गोबर के उपलों से बनी माला
    7) अनाज
    8) मूंग की साबुत दाल
    9) कलावा
    10) कलश में थोड़ा जल
    11) नया अनाज (गेहूं की बालियां)
    12) सुपारी
    13) घी
    14) मिट्टी का दीपक
    15) सरसों के दाने
    16) लाल रंग के वस्त्र का टुकड़ा
    17) गन्ना (क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार कुछ लोग होलिका की अग्नि में गन्ना भी डालते हैं)
    18) मलपुआ, गुजिया या अन्य कोई भी मिठाई
    इन सभी सामग्रियों को एक थाली में रख लें और पूरे परिवार के साथ मिलकर होलिका पूजन के लिए जाएं।

    होलिका दहन का महत्व

    होलिका दहन के समय गाय के गोबर के उपलों से बनी माला चढ़ाने का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि माला में हर एक उपला परिवार के हर सदस्य के नाम से से अग्नि में डाला जाता है जिससे उनका सुरक्षा कवच भी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उपलों की माला भक्त प्रहलाद की रक्षा और होलिका के अहंकार के दहन का प्रतीक है। होलिका का अग्नि को बहुत ही पवित्र माना जाता है। इसलिए ही जब होलिका दहन किया जाता है तो उसके चारों तरफ परिक्रमा लगाई जाती है और घर परिवार में सुख समृद्धि की कामना की जाती है। होलिका की पूजा करने के बाद घर के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना चाहिए। होलिका दहन के जाएं तो अपने घर से एक लकड़ी का टुकड़ा या लकड़ी लेकर जाएं। उस लकड़ी को होलिका में डालें और फिर अग्नि को प्रणाम करें। होलिका की राख का तिलक परिवार के सभी सदस्यों को करना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से आरोग्य की प्राप्ति होती है।
    डिस्क्लेमर : – बताए गए उपाय धार्मिक और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं इनका कोई भी वैज्ञानक आधार नहीं है।
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