पूरी सीरीज में नहीं चला बल्ला
सीरीज के शुरुआती चार मैचों में सैमसन के बल्ले से केवल 40 रन निकले हैं, जिसमें 10, 8, 0 और चौथे मैच में संघर्षपूर्ण 24 रनों की पारियां शामिल हैं। एक ओपनिंग बल्लेबाज के रूप में मिले इस बड़े मौके को भुनाने में नाकाम रहने के कारण अब प्लेइंग इलेवन में उनके स्थान को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
ईशान किशन लगातार बना रहे रन
सैमसन के इस खराब फॉर्म का असर टीम के संतुलन पर भी पड़ रहा है। जहां एक ओर टीम मैनेजमेंट ने शुभमन गिल जैसे स्थापित खिलाड़ी को बाहर रखकर संजू पर भरोसा जताया था, वहीं दूसरी ओर ईशान किशन ने मध्य क्रम में शानदार प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि सैमसन दबाव की स्थिति में अपनी पारी को बुनने में विफल रह रहे हैं, जिससे उनकी मानसिक मजबूती और शॉट चयन पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने उनका बचाव करते हुए कहा है कि संजू अपनी लय हासिल करने से बस एक बड़ी पारी दूर हैं।
5वें टी20 में होगा आखिरी मौका
अब सारी नजरें तिरुवनंतपुरम में होने वाले सीरीज के पांचवें और अंतिम टी20 मैच पर टिकी हैं। संजू के लिए यह उनका होम ग्राउंड है और उनके पास आलोचकों को चुप कराने का यह आखिरी मौका हो सकता है। यदि वे यहां भी विफल रहते हैं, तो टी20 वर्ल्ड कप में अभिषेक शर्मा के साथ ईशान किशन को ओपनिंग करते हुए देखा जा सकता है।
7 फरवरी से शुरू होने वाले इस मेगा इवेंट के लिए भारतीय टीम प्रबंधन जल्द ही अंतिम फैसला ले सकता है, और संजू सैमसन के पास अपनी जगह सुरक्षित करने के लिए अब करो या मरो वाली स्थिति है।














