डेटा कनेक्टिविटी में होगा बढ़ावा
पिचाई ने कहा, ‘भारत को AIऔर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में गूगल अमेरिका और भारत के बीच 4 नई सबसी (SubSea) फाइबर ऑप्टिक केबल सिस्टम बनाएगा। यह पहल अमेरिका-इंडिया कनेक्ट कार्यक्रम का हिस्सा है, जिससे डेटा कनेक्टिविटी और क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।’ पिचाई ने अपने कॉलेज के दिनों को याद किया। बोले- ’जब मैं स्टूडेंट था, तो अक्सर चेन्नै से कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन से करकपुर जाता था। वहां पहुंचने के लिए हम विशाखापत्तनम से गुजरते थे। मुझे याद है कि यह एक शांत और मामूली तटीय शहर था, जो संभावनाओं से भरा हुआ था। आज गूगल आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में फुल-स्टैक AI हब बना रहा है। यह निवेश भारत में घोषित 15 अरब डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान का हिस्सा है। यहां गीगावॉट स्तर की कंप्यूट क्षमता और नया अंतरराष्ट्रीय सबसी केबल गेटवे बनाया जाएगा। इससे भारत में AI की बड़ी पहुंच बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।’
AI और नौकरियों पर गूगल हेड ने क्या बोला
तकनीक के समान फायदे पर जोर देते हुए पिचाई ने कहा कि कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में बड़े पैमाने पर निवेश जरूरी है। रोजगार के भविष्य पर उन्होंने कहा, ‘AI कुछ भूमिकाओं को ऑटोमेट करेगा, कई को बदलेगा और कुछ जगह तो पूरी तरह नए करियर के मौके पैदा करेगा। 20 साल पहले प्रोफेशनल यूट्यूब क्रिएटर जैसा कोई प्रोफेशन नहीं था, आज यह लाखों लोगों की आजीविका का जरिया है। गूगल 10 करोड़ लोगों को डिजिटल स्किल्स की ट्रेनिंग दे चुका है और AI युग के लिए गूगल AI प्रोफेशनल सर्टिफिकेट भी शुरू किया गया है।
साइंस में दशकों की चुनौती को AI ने हल किया…
वैज्ञानिक क्षेत्र में AI की ताकत का उदाहरण देते हुए पिचाई ने गूगल डीपमाइंड के अल्फाफोल्ड का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘दशकों से प्रोटीन संरचना की भविष्यवाणी विज्ञान की बड़ी चुनौती थी। अल्फाफोल्ड ने लाखों जटिल 3D प्रोटीन संरचनाएं उजागर कर उन्हें पब्लिक डेटाबेस में उपलब्ध कराया। आज 190 से अधिक देशों के 30 लाख से ज्यादा रिसर्चर्स इसका इस्तेमाल नई दवाएं विकसित करने, मलेरिया वैक्सीन और एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस से निपटने में कर रहे हैं। AI का उपयोग स्वास्थ्य, कृषि और भाषा समावेशन में भी तेजी से बढ़ रहा है। अल सल्वाडोर में AI आधारित मेडिकल डायग्नोसिस को बढ़ाया गया है, जबकि भारत में AI संचालित मॉनसून पूर्वानुमान करोड़ों किसानों तक पहुंचाया गया है।
AI के विकास में भरोसे और नीति पर भी की बात
AI के विकास में भरोसे और नीति की भूमिका को अहम बताते हुए पिचाई ने कहा कि सरकारों को नियामक के साथ ही इनोवेशन को बढ़ावा देने वाली भूमिका निभानी होगी। कंपनियों को ऐसे उत्पाद बनाने होंगे जो ज्ञान, रचनात्मकता और उत्पादकता को बढ़ाएं। पिचाई ने कहा कि AI अरबों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और विज्ञान की सबसे कठिन समस्याओं का समाधान करने की क्षमता रखता है। यह एक पीढ़ी में बड़े पैमाने पर बदलाव लाने का मौका है, जिसे मिलकर साकार करना होगा।













