गूगल ने अमेरिका-इंडिया कनेक्ट के तहत नई फाइबर-ऑप्टिक समुद्री केबल रूट्स बिछाने की घोषणा की है, जिससे अमेरिका, भारत और दक्षिणी गोलार्ध के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी की पहुंच और विश्वसनीयता बढ़ेगी। गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिछाई ने बताया कि यह पहल गूगल की मौजूदा पैसिफिक और अफ्रीका सब-सी केबल परियोजनाओं को और मजबूती देगी।
नई साझेदारी की हुई घोषणा
AI समिट में गूगल डीपमाइंड ने भारत सरकार की संस्थाओं के साथ मिलकर एआई आधारित विज्ञान और शिक्षा को बढ़ावा देने की नई साझेदारी की घोषणा की है। अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) के साथ मिलकर वैज्ञानिक अनुसंधान में एआई मॉडल (जैसे AlphaGenome, AI Co-scientist, Earth AI) उपलब्ध कराए जाएंगे। अटल टिंकरिंग लैब्स के साथ साझेदारी कर 10,000 से अधिक स्कूलों और 1.1 करोड़ छात्रों के लिए जेनरेटिव एआई आधारित एजुकेशन इनोवेशन को बढ़ावा दिया जाएगा ।
iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म को लेकर की बड़ी घोषणा
गूगल क्लाउड ने कर्मयोगी भारत के साथ मिलकर iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म को 800 से अधिक जिलों में 2 करोड़ लोकसेवकों तक पहुंचाने की योजना बनाई है । साथ ही प्रोफेशनल सर्टिफिकेट कोर्स 18 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराए जाएंगे। भारत में गूगल एआई प्रोफेशनल सर्टिफिकेट कार्यक्रम अंग्रेज़ी और हिंदी में उपलब्ध होगा, जिसे आगे अन्य भारतीय भाषाओं में भी लाया जाएगा ।
30-30 मिलियन दो ग्लोबल फंड की घोषणा
गूगल ने एआई को शासन और विज्ञान में लागू करने के लिए 30-30 मिलियन डॉलर के दो ग्लोबल फंड की घोषणा की है। इसके अलावा भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के साथ मिलकर गूगल सेंटर फॉर क्लाइमेट टेक्नोलॉजी की भी शुरुआत की गई है ।
गूगल ने समिट के दौरान सालाना रेस्पॉन्सिबल एआई प्रोग्रेस रिपोर्ट भी जारी किया, जिसमें सुरक्षा और नैतिकता को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई । गूगल इंडिया की वाइस प्रेसिडेंट और कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने कहा कि एआई एक जेनरेशनल अवसर है, जिसे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप और सुलभ बनाना जरूरी है ताकि भारत डिजिटल परिवर्तन में वैश्विक नेतृत्व कर सके ।













