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  • India Canada Uranium Deal: भारत यूरेनियम पावर के लिए धड़ाधड़ कर रहा डील, इन दोस्तों ने खोल दिए भंडार

    नई दिल्ली: कनाडा 2027 से 2035 तक भारत को 22 मिलियन पाउंड यूरेनियम की सप्लाई करेगा। इसके लिए भारत ने कनाडा से 2.6 अरब डॉलर का समझौता किया है। इससे पहले हाल ही में भारत ने दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम उत्पादक देश कजाकिस्तान के साथ भी यूरेनियम सप्लाई को लेकर एक बड़ा करार किया


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    By Azad Hind Desk मार्च 3, 2026
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    नई दिल्ली: कनाडा 2027 से 2035 तक भारत को 22 मिलियन पाउंड यूरेनियम की सप्लाई करेगा। इसके लिए भारत ने कनाडा से 2.6 अरब डॉलर का समझौता किया है। इससे पहले हाल ही में भारत ने दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम उत्पादक देश कजाकिस्तान के साथ भी यूरेनियम सप्लाई को लेकर एक बड़ा करार किया था। कजाकिस्तान की सरकारी यूरेनियम कंपनी ‘कजाटोमप्रोम’ ने भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग के साथ यह डील की थी। यलो केक कहे जाने वाले यूरेनियम की सप्लाई को लेकर भारत के दोस्तों की लिस्ट लंबी हो गई है।

    भारत को कितना यूरेनियम देगा कनाडा

    • टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के अनुसार, पिछले 10 महीनों में भारत-कनाडा संबंधों में आए नाटकीय बदलाव का नतीजा सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अपने समकक्ष मार्क कार्नी की मेजबानी के दौरान हुई वार्ता में देखने को मिला।
    • इस दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और समझौते हुए, जिनमें भारत को 22 मिलियन पाउंड (9.9 मिलियन किलोग्राम) यूरेनियम की आपूर्ति के लिए ऐतिहासिक समझौता भी शामिल है।

    भारत का न्यूक्लियर मार्केट कनाडा के लिए बड़ा अवसर

    • द ग्लोब एंड मेल पर छपी एक खबर के अनुसार, दुनिया की सबसे बड़ी यूरेनियम खनन कंपनियों में से एक कनाडा की कैमेको कॉर्प के लिए भारत का न्यूक्लियर मार्केट एक बड़ा विकास अवसर है।
    • कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम गिट्ज़ेल ने भारत के साथ 2.6 अरब डॉलर के यूरेनियम आपूर्ति समझौते को अंतिम रूप देने के बाद यह बात कही। भारत परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में पीढ़ीगत विस्तार कर रहा है और निजी निवेश के लिए इस क्षेत्र को खोल रहा है।
    • गिट्ज़ेल ने भारत सरकार के साथ 2027 से 2035 के बीच भारत को 22 मिलियन पाउंड (9.9 मिलियन किलोग्राम) यूरेनियम की आपूर्ति करने के समझौते पर हस्ताक्षर किए।

    2020 के बाद से कनाडा से नहीं आ रहा था यूरेनियम

    • कैमेको का भारत के साथ 2015 से 2020 तक परमाणु आपूर्ति समझौता था। लेकिन दोनों देशों के बीच राजनीतिक संबंध खराब होने के कारण इसे नवीनीकृत नहीं किया गया।
    • फिर 2023 में कनाडाई सिख कार्यकर्ता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद ये संबंध और भी खराब हो गए। उस समय पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सरकार ने भारत के एजेंटों को इसमें शामिल होने का आरोप लगाया था।

    भारत को यूरेनियम देने वाले ये हैं दोस्त

    • मौजूदा वक्त में रूस, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, फ्रांस और कनाडा भारत को यूरेनियम ईंधन दे रहे हैं या देने के लिए डील की है।
    • मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2012 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के साथ भी करार किया था, जब ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने भारत को यूरेनियम बेचने का फैसला किया था। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया बाद में अपने निर्णय से पीछे हट गया था।

    भारत की नजर 2047 तक इस लक्ष्य पर

    द ग्लोब एंड मेल के अनुसार, भारत अपने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र का बड़े पैमाने पर विस्तार कर रहा है। सरकार का लक्ष्य 2047 तक उत्पादन क्षमता को 10 गुना से अधिक बढ़ाकर 8.8 गीगावाट से 100 गीगावाट तक पहुंचाना है। इसके लिए भारत में पहले से ही चालू 26 रिएक्टरों के अतिरिक्त दर्जनों नए और बड़े रिएक्टरों की आवश्यकता होगी।

    1 किलो यूरेनियम में कितनी होती है पावर

    • एक किलोग्राम यूरेनियम-235 पूर्ण विखंडन द्वारा 20 टेराजूल ऊर्जा पैदा कर सकता है, जो 1500 टन कोयले के बराबर है। इससे यूरेनियम कोयले और तेल की तुलना में अत्यधिक ऊर्जा-सघन पदार्थ बन जाता है।
    • एक किलोग्राम यूरेनियम-235 में लगभग 24,000,000 किलोवाट-घंटे ऊर्जा होती है, जो 27 लाख किलोग्राम कोयले जितनी एनर्जी देने के बराबर है। यह यूरेनियम की अपार ऊर्जा क्षमता को दर्शाता है।

    1 किलो यूरेनियम की कीमत कितनी है

    • परमाणु ऊर्जा और परमाणु हथियारों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के कारण यूरेनियम महंगा है, जिससे इसकी उच्च मांग बनी रहती है। यूरेनियम का निष्कर्षण और प्रसंस्करण जटिल और खर्चीला है, जो इसकी उच्च उत्पादन लागत का कारण बनता है।
    • इसके अलावा, यूरेनियम के भंडार विभिन्न देशों में भिन्न-भिन्न होते हैं, जिससे इसकी कीमत प्रभावित होती है। टाइम्स ऑफ इंडिया समेत कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक किलोग्राम यूरेनियम की कीमत लगभग एक करोड़ से तीन करोड़ रुपये है।
    • हालांकि, यूरेनियम की कीमत कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है, जिनमें यूरेनियम की टाइप, बाजार की मांग और उत्पादन लागत शामिल हैं।

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