जयशंकर ने सिकोरस्की से क्या कहा
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, पोलैंड के पाकिस्तान के साथ नए संबंधों पर निशाना साधते हुए जयशंकर ने सिकोरस्की से कहा कि भारत उम्मीद करता है कि उसके पार्टनर पड़ोस में आतंकवाद को “बढ़ावा” न दें। जयशंकर ने उन्हें यूरोपीय संघ द्वारा भारत के व्यापार और रूस से तेल आयात पर लगाए गए प्रतिबंधों के बारे में भी एक कड़ा संदेश दिया, जिसे उन्होंने “चुनिंदा निशाना साधना” कहा। इस बैठक का वीडियो सोशल मीडिया में काफी पसंद किया जा रहा है।
सिकोरस्की की पाकिस्तान यात्रा से भारत नाराज
हैदराबाद हाउस में हुई इस बैठक में जयशंकर ने कहा कि वह सिकोरस्की की क्षेत्र की हाल की कुछ यात्राओं पर चर्चा करना चाहते हैं”, जो अक्टूबर 2025 में पोलिश विदेश मंत्री की पाकिस्तान यात्रा का सीधा संदर्भ था, जहां उन्होंने पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की थी। सिकोरस्की की पाकिस्तान यात्रा से भारत नाराज है, क्योंकि यह यात्रा मई में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के कुछ महीने बाद हुई थी।
जयशंकर ने पोलैंड को खूब सुनाया
जयशंकर ने कहा, “पोलैंड को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाना चाहिए और हमारे पड़ोस में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने में मदद नहीं करनी चाहिए।” सिकोरस्की एक पूर्व पत्रकार हैं जिन्होंने 1986-1989 में अफगानिस्तान युद्ध को कवर किया था। उन्होंने उस वक्त पाकिस्तान में काफी समय बिताया था। इस पर जयशंकर ने कहा कि वह “इस क्षेत्र के लिए कोई अजनबी नहीं हैं और निश्चित रूप से सीमा पार आतंकवाद की लंबे समय से चली आ रही चुनौती से परिचित होंगे।”
पोलैंड ने रूस को लेकर भारत पर निशाना साधा
हैदराबाद हाउस में बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, सिकोरस्की ने कहा कि भारत और पोलैंड के संबंधित क्षेत्रों के बारे में बातचीत “स्पष्ट” थी। उन्होंने कहा, “हम सभी की क्षेत्रीय चिंताएं हैं और हम सभी के पड़ोसी हैं, और पड़ोसियों के साथ अवसर और चुनौतियां दोनों होती हैं।” उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर भारत और पोलैंड “एक ही राय” के हैं। “हमें भी चिंताएं हैं। भारत ने रूस में जापद अभ्यास में हिस्सा लिया जिसे हम खतरनाक मानते हैं।”
भारत और पोलैंड में कूटनीतिक संकट
भारत और पोलैंड के बीच आपसी मदभेदों पर सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं को असामान्य माना गया। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के संबंध बेहतर हुए हैं। भारत और यूरोपीय संघ अगले हफ्ते एक बड़े व्यापार समझौते के करीब हैं। पोलिश मंत्री का यह दौरा अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वॉरसॉ दौरे के बाद पहला उच्चस्तरीय दौरा है, जहां से वे यूक्रेन भी गए थे।
सिकोरस्की ने पहले भी की थी भारत विरोधी टिप्पणी
भारत ने इस महीने की शुरुआत में पेसिर में “वीमर ट्रायंगल” वार्ता के दौरान भी सिकोरस्की की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई थी। तब पोलिश विदेश मंत्री ने कहा था कि वे भारत द्वारा रूसी तेल आयात में कमी से “संतुष्ट” हैं “क्योंकि यह पुतिन की युद्ध मशीन को फाइनेंस कर रहा है।” जयशंकर ने सिकोरस्की से कहा, “मैंने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि भारत को चुनिंदा रूप से निशाना बनाना अनुचित और गलत है। मैं आज फिर से यही कह रहा हूं।












