यह समझौते यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत की एक दिन की यात्रा के दौरान हुए। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति अल नाहयान के बीच बातचीत के बाद, विदेश सचिव विक्रम मिश्रा ने मीडिया को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह व्यापार लक्ष्य भारत और यूएई के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों को दिखाता है। यह संबंध कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) के लागू होने के बाद से तेजी से बढ़ा है। विदेश सचिव ने यह भी बताया कि यूएई अब भारत को लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) सप्लाई करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है।
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एनर्जी सेक्टर में हुई यह डील
- एनर्जी के क्षेत्र में एक खास बात यह हुई कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और ADNOC गैस के बीच एक सेल्स एंड परचेज एग्रीमेंट (बिक्री और खरीद समझौता) हुआ।
- इस समझौते के तहत भारत को 2028 से 10 साल तक LNG की सप्लाई मिलेगी। इससे दुनिया भर में गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
ट्रेड, इन्वेस्टमेंट और एक्सपोर्ट में क्या?
- ट्रेड, इन्वेस्टमेंट और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। निवेश सहयोग समझौतों में खास रहा।
- गुजरात सरकार और यूएई के बीच ढोलरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (एक बड़ा औद्योगिक और बुनियादी ढांचा केंद्र) के विकास के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए गए।
- वित्तीय और लॉजिस्टिक्स के सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए, UAE का फर्स्ट अबू धाबी बैंक (FAB) और ग्लोबल पोर्ट ऑपरेटर DP वर्ल्ड गुजरात के गिफ्ट सिटी में अपने ऑफिस और कामकाज शुरू करेंगे। इससे भारत एक क्षेत्रीय वित्तीय और व्यापार सेवाओं के केंद्र के रूप में और मजबूत होगा।
क्या है ढोलेरे स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन
- भारत और यूएई के बीच गुजरात के धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन में निवेश पर भी समझौता हुआ है।
- ढोलेरा को एक प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्र बनाने के लिए यहां कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा।
- इसमें एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एक नया बंदरगाह, एक स्मार्ट शहरी टाउनशिप, रेलवे कनेक्टिविटी, ऊर्जा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और विमानन प्रशिक्षण व विमान रखरखाव की सुविधाएं शामिल हैं।
कृषि निर्यात में क्या हुई बात?
कृषि निर्यात के क्षेत्र में, भारत के एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) और यूएई के मिनिस्ट्री ऑफ क्लाइमेट चेंज एंड एनवायरनमेंट के बीच एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर साइन हुए। यह समझौता खाद्य सुरक्षा और तकनीकी आवश्यकताओं पर केंद्रित है। इससे भारतीय कृषि और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के लिए खाड़ी देशों में बाजार पहुंच आसान होने की उम्मीद है।














