भारत ने यह भी साफ कर दिया है कि वेनेजुएला के साथ हमारे बहुत पुराने और अच्छे संबंध रहे हैं, इसलिए हम यह चाहते हैं कि वेनेजुएला के हालात फिर से अच्छे हो जाएं। भारत का स्टैंड विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सामने रखा है। उनका बयान तब आया, जब वह यूरोपीय देश लग्जमबर्ग की यात्रा पर गए हुए हैं।
अमेरिकी एक्शन पर भारत का क्या रहा रुख
लग्जमबर्ग में एस जयशंकर से पूछा गया कि वेनेजुएला में अमेरिकी एक्शन पर भारत का क्या रुख है। इस पर विदेश मंत्री ने कहा कि हमने पहले ही इस बारे में भारत का स्टैंड सबके सामने रख दिया है। इसलिए आपको एक दिन पहले ही भारत की तरफ से दिया गया स्टेटमेंट देखना चाहिए।
वेनेजुएला के साथ भारत के संबंध कैसे, जानें
विदेश मंत्री ने आगे कहा कि इस घटनाक्रम को लेकर हम चिंतित हैं। हम दोनों पक्षों (US and Venezuela) से यह कहेंगे कि वह एक टेबल पर आकर बैठें और इस मुद्दे को सुलझाने के लिए किसी निर्णय पर पहुंचें। उन्होंने आगे कहा कि अगर दोनों किसी मत पर पहुंच जाते हैं तो यह वेनेजुएला के लोगों के भी हित में होगा। भारतीय विदेश मंत्री ने वेनेजुएला के साथ भारत के संबंधों की बात करते हुए बताया कि हम वेनेजुएला को फिर से उस देश की तरह देखना चाहते हैं, जिसके साथ भारत के बहुत पुराने और अच्छे संबंध रहे हैं। हम चाहेंगे कि जो भी घटनाक्रम वेनेजुएला में हुए हैं, वहां के लोग उससे ठीक तरह से बाहर आ जाएं।
क्या तेल है वेनेजुएला पर हमले की असली वजह
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस हमले के पहले से ही वेनेजुएला पर कई तरह के आरोप लगाते आए हैं। ट्रंप ने अपने एक्शन से पहले कहा था कि वेनेजुएला से अमेरिका में ड्रग्स और हथियार की सप्लाई की जा रही है। हालांकि, जब निकोलस मादुरो को अमेरिकी कोर्ट में पेश किया गया तो उन्होंने इन आरोपों से साफतौर पर इनकार कर दिया। एक्सपर्ट्स का मत है कि डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर वहां के तेल रिजर्व के लिए हमला किया है। ट्रंप चाहते हैं कि वेनेजुएला में तेल के भंडार को अमेरिका अपने हिसाब से नियंत्रित करे।














