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  • Indus Waters Treaty: पानी रुकने से सहमे पाकिस्तान की UN में भारत को गीदड़भभकी, दुनिया से मदद की गुहार

    न्यूयॉर्क: पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र (UN) में सिंधु जल संधि (IWT) का मुद्दा उठाया है। यूएन में पाकिस्तान के राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद ने कहा कि भारत ने एकतरफा तरीके से सिंध संधि (IWT) को निलंबित किया है। इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ध्यान देना चाहिए क्योंकि इसके मानवीय, शांति


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    By Azad Hind Desk फरवरी 1, 2026
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    न्यूयॉर्क: पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र (UN) में सिंधु जल संधि (IWT) का मुद्दा उठाया है। यूएन में पाकिस्तान के राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद ने कहा कि भारत ने एकतरफा तरीके से सिंध संधि (IWT) को निलंबित किया है। इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ध्यान देना चाहिए क्योंकि इसके मानवीय, शांति और सुरक्षा पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इफ्तिखार ने भारत को गीदड़भभकी देते हुए कहा कि दिल्ली को इस पर आगे नहीं बढ़ना चाहिए।

    बीते साल अप्रैल में पहलगाम के आतंकी हमले के बाद भारत ने घोषणा की थी कि वह पाकिस्तान के साथ 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई IWT को स्थगित कर रहा है। IWT संधि सिंधु बेसिन की नदियों के पानी को भारत और पाकिस्तान के बीच बांटती है। भारत के कदम से पाकिस्तान के सामने जल संकट पैदा होने का खतरा मंडरा रहा है।

    पाकिस्तान के लोगों के लिए मुश्किल

    इफ्तिखार अहमद ने शनिवार को यूएन में ‘अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए संधियों की पवित्रता को बनाए रखने पर सुरक्षा परिषद की अरिया फॉर्मूला बैठक’ में बोलते हुए कहा कि IWT को सबसे मजबूत जल-बंटवारे वाली संधियों में गिना जाता है। यह कई संकटों और राजनीतिक तनावों के बावजूद ये कायम रही लेकिन अब इस पर संकट है।

    इफ्तिखार ने आगे कहा कि स्थापित जल-बंटवारे की व्यवस्था में रुकावट के मानवीय, पर्यावरणीय और शांति-सुरक्षा पर गंभीर परिणाम होंगे। भारत का पानी को रोकना पाकिस्तान के 24 करोड़ लोगों के लिए मुश्किल पैदा करते हैं। लाखों लोगों की जीवन रेखाओं को इस तरह से मुश्किल में नहीं डाला जा सकता है।

    दुनिया को ध्यान देना चाहिए

    पाकिस्तानी दूत अहमद ने दोहराया कि यह संधि द्विपक्षीय चिंता नहीं है बल्कि अंतरराष्ट्रीय प्रणाली के लिए एक परीक्षा है। अगर विवादों या संघर्षों को रोकने के लिए बनाई गई संधि की एकतरफा अनदेखी की जाती है तो कोई भी समझौता वास्तव में राजनीति या सभी प्रकार की चालों से सुरक्षित नहीं है।

    अहमद ने आगे कहा कि सीमाएं, विसैन्यीकृत क्षेत्र, व्यापार गलियारे और मानवीय व्यवस्थाएं सभी अधिक नाजुक हो जाती हैं। संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद की एक महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसमें एकतरफा निलंबन को रोकना और संधियों को लागू करना शामिल है। संधियों का पालन किया जाना जरूरी है।

    पाकिस्तान ने हालिया महीनों में भारत को बार-बार गीदड़भभकी दी है कि वह अपनी नदियों के प्रवाह को रोकने या मोड़ने नहीं देगा। इस्लामाबाद ने पिछले साल कहा था कि भारत की तरफ से उसके पानी के बहाव को रोकने की किसी भी कोशिश को एक्ट ऑफ वॉर माना जाएगा। यानी वह इसे युद्ध की शुरुआत मानेगा।

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