Apple ने आशंका जताई है कि अगर प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने ग्लोबल टर्नओवर के मुताबिक हिसाब लगाया, तो उस पर 38 अरब डॉलर यानी करीब ₹34,33,69,90,00,000 का जुर्माना लग सकता है। जांच में पाया गया है कि ऐपल ने अपने ऐप स्टोर पर अपनी पोजीशन का दुरुपयोग किया है। Apple इन आरोपों को गलत बता रही है। कंपनी ने जुर्माने के नियमों को कोर्ट में चुनौती दी है और यह मामला अभी चल रहा है।
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क्या है मामला?
इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। लेकिन 31 दिसंबर के एक गुप्त आदेश से पता चला है कि ऐप ने कोर्ट में चल रहे जुर्माने के नियमों के विवाद के दौरान पूरे केस को रोकने की कोशिश की थी। लेकिन CCI ने कंपनी की इस मांग को ठुकरा दिया है। CCI ने बताया कि उन्होंने अक्टूबर 2024 में Apple से जांच के नतीजों पर अपनी आपत्तियां बताने और जुर्माने के आकलन के लिए जरूरी वित्तीय जानकारी देने को कहा था।
लेकिन, तब से ऐपल को बार-बार समय दिया गया है। इस मामले में ऐपल ने रॉयटर्स के सवालों का जवाब नहीं दिया। 2024 में जांचकर्ताओं ने एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें कहा गया था कि ऐपल ने iOS ऐप बाजार में दुरुपयोगपूर्ण आचरण किया है। ऐपल मार्केट कैप के हिसाब से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है। इसका मार्केट कैप 3.815 ट्रिलियन डॉलर है।












