परिवार को सताने लगी थी मौसी की चिंता
ईरान से वापस लाई गई महिला के रिश्तेदार मोहम्मद जवाद हैदर ने न्यूज एजेंसी को बताया कि वो उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी की मौसी जियारत (धार्मिक यात्रा) पर ईरान गई थीं। उनके वहां जाने के बाद विरोध-प्रदर्शन विकराल हो गए। उनके पूरा परिवार को मौसी की चिंता सताने लगी। उन्होंने बताया कि ईरान हमेशा से ही भारत का दोस्त रहा है, लेकिन मनुष्यों की फितरत होती है अपनों की चिंता करना, इसलिए उनका परिवार भी मौसी के लिए चिंतित हो गया। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें सरकार पर भरोसा था और सरकार से लगातार सपोर्ट मिलता रहा।
रात में प्रदर्शन, दिन में सामान्य हालात
मोहम्मद जवाद ने आगे बताया कि जिस ग्रुप में उनकी मौसी ईरान गईं थीं, उनके ग्रुप के प्रमुख के साथ भारतीय दूतावास के अधिकारी लगातार संपर्क में बने हुए थे। पांच दिन पहले उनकी मौसी से फोन पर बात हुई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि डरने की कोई बात नहीं है। वो लगातार सरकार के संपर्क में हैं। ईरान में चल रहे विरोध-प्रदर्शन को लेकर मोहम्मद जवाद ने कहा कि ईरान में सभी विरोध-प्रदर्शन रात के समय होते हैं। दिन के समय हालात एकदम सामान्य हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि वे बहुत खुश हैं कि उनका परिवार आज उनके है। मोहम्मद जवाद ने कहा जो भारतीय अभी ईरान में फंसे हैं, वे भी जल्द ही भारत आ जाएंगे।














