इरफान सोलतानी पर क्या आरोप लगाया गया
रिपोर्ट के मुताबिक, इरफान सोलतानी को 8 जनवरी को ईरान विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। उन पर “मोहारेबेह” यानी “भगवान के खिलाफ दुश्मनी” का आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने उन्हें 14 जनवरी को फांसी पर लटकाने का हुक्म दिया है। ईरान की सरकार ने प्रदर्शनकारियों को अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी थी। माना जा रहा है कि इरफान सोलतानी को फांसी की सजा एक नजीर पेश करने के लिए दी जा रही है, ताकि बाकी प्रदर्शनकारियों के मन में सत्ता का भय समा जाए।
परिवार को मुंह बंद रखने की चेतावनी
ईरानी अधिकारियों ने सोलतानी के परिवार को किसी से भी बात न करने की चेतावनी दी है। उन्हें धमकी दी गई है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो परिवार के और सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सोलतानी को गिरफ्तारी के एक हफ्ते के अंदर फांसी दिए जाने की घटना से दुनिया में ईरान को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई मानवाधिकार संगठनों ने इसे विरोध की आवाज को दबाने के लिए उठाया गया कदम करार दिया है। उनका कहना है कि बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के इस तरह की हत्याओं का इस्तेमाल असंतोष को कुचलने के लिए किया जा रहा है।
ईरान में कैसे शुरू हुए विरोध प्रदर्शन
ईरान में रिकॉर्ड महंगाई और ईरानी मुद्रा में भारी अवमूल्यन के खिलाफ व्यापारियों ने प्रदर्शन की शुरुआत की थी। यह प्रदर्शन देखते ही देखते पूरे देश में फैल गया। अब तक 280 जगहों से विरोध प्रदर्शन की खबरें आ चुकी हैं। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ईरानी सशस्त्र बलों की कार्रवाई में अब तक 2500 से अधिक प्रदर्शनकारी मारे गए हैं, जबकि 20000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।














