एपी के मुताबिक, ईरान के सरकारी टेलीविजन ने अयातुल्लाह अली खामेनेई का बयान जारी किया है। इसमे खामेनेई ने कहा है, ‘अमेरिकियों को यह पता होना चाहिए कि अगर वे युद्ध शुरू करते हैं तो इस बार यह एक क्षेत्रीय युद्ध होगा। हम उकसाने वाले लोग नहीं हैं। ना ही हम किसी देश पर हमले की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हम डरते भी नहीं है। ईरान किसी भी ऐसे देश को करारा जवाब देगा जो उस पर हमला करेगा।’
इस्लामिक क्रांति की वर्षगांठ के जश्न का ऐलान
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई शनिवार को कई दिन बाद सार्वजनिक तौर पर दिखे थे। अपने गुरु पूर्व ईरानी सुप्रीम लीडर रुहोल्लाह खुमैनी के मकबरे पर पहुंचते हुए उन्होंने ईरान की इस्लामिक क्रांति की 47वीं वर्षगांठ के जश्न का ऐलान किया था। खामेनेई ने इस दौरान कहा कि अयातुल्ला खामेनेई की कब्र पर हाजिरी के साथ ही 1979 की इस्लामिक क्रांति की सैंतालीसवीं वर्षगांठ के जश्न की शुरुआत हो रही है।
ईरान में बीते एक महीने से भारी उथल-पुथल देखी जा रही है। ईरान में बीते साल 28 दिसंबर को मंहगाई और करेंसी में गिरावट के मुद्दे पर प्रदर्शन शुरू हुए थे। जल्दी ही इन्होंने खामेनेई शासन विरोधी प्रदर्शनों की शक्ल ले ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रदर्शनकारियों को सार्वजनिक समर्थन के ऐलान से चीजें बदल गईं। इसने दोनों देशों में तनाव चरम पर पहुंचा दिया।
ईरान पर हमले का खतरा क्यों?
अमेरिका के दर्जनों C-17 और C-5 मिलिट्री जहाज ईरान के आसपास अपने सैन्य ठिकानों पर हथियार लेकर पहुंचे हैं। अमेरिका के जंगी जहाजों के ईरान के समुद्र के पास डेरा डालने और सैन्य हलचल से पूरे क्षेत्र में तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों और सैन्य हलचल से माना जा रहा है कि कभी भी ईरान पर हमला हो सकता है।














