• International
  • Iran-US Tensions: इस दफा ईरान तक नहीं रुकेगी लड़ाई, खामेनेई की ट्रंप को चेतावनी, हमला हुआ तो पूरा इलाका बनेगा मैदान-ए-जंग

    तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने चेतावनी दी है कि अमेरिका का उनके देश पर हमला पूरे पश्चिम एशिया में लड़ाई की वजह बनेगा। खामेनेई की ओर से रविवार को यह कहा गया है। उन्होंने सीधे पर कहा है कि ईरान पर हमले का असर पूरे क्षेत्र पर होगा। इसका मतलब साफ


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 1, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने चेतावनी दी है कि अमेरिका का उनके देश पर हमला पूरे पश्चिम एशिया में लड़ाई की वजह बनेगा। खामेनेई की ओर से रविवार को यह कहा गया है। उन्होंने सीधे पर कहा है कि ईरान पर हमले का असर पूरे क्षेत्र पर होगा। इसका मतलब साफ है कि जवाबी कार्रवाई में ईरान की ओर से अरब देशों में स्थित अमेरिकी बेस निशाना बनाए जाएंगे। खामेनेई का बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान पर हमले की धमकियों के बीच आया है। अमेरिका के अमेरिकी जंगी जहाज बीते हफ्ते से ईरान के पड़ोस में अरब सागर में डेरा डाले हुए हैं।

    एपी के मुताबिक, ईरान के सरकारी टेलीविजन ने अयातुल्लाह अली खामेनेई का बयान जारी किया है। इसमे खामेनेई ने कहा है, ‘अमेरिकियों को यह पता होना चाहिए कि अगर वे युद्ध शुरू करते हैं तो इस बार यह एक क्षेत्रीय युद्ध होगा। हम उकसाने वाले लोग नहीं हैं। ना ही हम किसी देश पर हमले की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हम डरते भी नहीं है। ईरान किसी भी ऐसे देश को करारा जवाब देगा जो उस पर हमला करेगा।’

    इस्लामिक क्रांति की वर्षगांठ के जश्न का ऐलान

    ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई शनिवार को कई दिन बाद सार्वजनिक तौर पर दिखे थे। अपने गुरु पूर्व ईरानी सुप्रीम लीडर रुहोल्लाह खुमैनी के मकबरे पर पहुंचते हुए उन्होंने ईरान की इस्लामिक क्रांति की 47वीं वर्षगांठ के जश्न का ऐलान किया था। खामेनेई ने इस दौरान कहा कि अयातुल्ला खामेनेई की कब्र पर हाजिरी के साथ ही 1979 की इस्लामिक क्रांति की सैंतालीसवीं वर्षगांठ के जश्न की शुरुआत हो रही है।

    ईरान में बीते एक महीने से भारी उथल-पुथल देखी जा रही है। ईरान में बीते साल 28 दिसंबर को मंहगाई और करेंसी में गिरावट के मुद्दे पर प्रदर्शन शुरू हुए थे। जल्दी ही इन्होंने खामेनेई शासन विरोधी प्रदर्शनों की शक्ल ले ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रदर्शनकारियों को सार्वजनिक समर्थन के ऐलान से चीजें बदल गईं। इसने दोनों देशों में तनाव चरम पर पहुंचा दिया।

    ईरान पर हमले का खतरा क्यों?

    अमेरिका के दर्जनों C-17 और C-5 मिलिट्री जहाज ईरान के आसपास अपने सैन्य ठिकानों पर हथियार लेकर पहुंचे हैं। अमेरिका के जंगी जहाजों के ईरान के समुद्र के पास डेरा डालने और सैन्य हलचल से पूरे क्षेत्र में तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों और सैन्य हलचल से माना जा रहा है कि कभी भी ईरान पर हमला हो सकता है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।