वहीं, एक इजरायली रेडिट यूजर ने कहा-मुझे भारत और भारतीय बहुत प्यारे हैं। दक्षिण एशिया में यहूदियों का हज़ारों वर्षों से खुले दिल से स्वागत किया गया है (आज के कोचीन के पास मालाबार तट पर पहले यहूदियों के आगमन से लेकर) और तब से हम हिंदुओं और मुसलमानों के साथ सद्भाव से रहते आए हैं। मैं कई वर्षों तक भारत में रहा और मुझे कभी भी यहूदी-विरोधी भावना का सामना नहीं करना पड़ा।
मोदी-नेतन्याहू ने भारतीय कामगारों को दी हरी झंडी
द इकनॉमिक टाइम्स की एक खबर के अनुसार, दोनों प्रधानमंत्रियों ने इजरायल में भारतीय कामगारों के योगदान को स्वीकार किया, जो अपने काम के माध्यम से मित्रता के बंधन को मजबूत करते हैं। उन्होंने निर्माण और देखभाल क्षेत्रों में भारतीय कामगारों की सुरक्षित आवाजाही को सुगम बनाने के लिए नवंबर 2023 में हस्ताक्षरित फ्रेमवर्क समझौते और कार्यान्वयन प्रोटोकॉल की अहमियत को स्वीकार किया।
इजरायल में अभी काम करते हैं 20 हजार भारतीय
- इस संबंध में बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने वाणिज्य और सेवा, विनिर्माण और रेस्तरां क्षेत्रों से संबंधित प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर का भी स्वागत किया।
- अगस्त 2025 तक इजरायल में 20,000 से अधिक भारतीय नागरिक काम में लगे हुए हैं, जिनमें से कई निर्माण और देखभाल क्षेत्रों में श्रम की कमी को पूरा करने के लिए आ रहे हैं।
डेटा साइंस, AI में भी नौकरियों के बड़े अवसर
- मोदी ने अपने प्रस्थान से पहले भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्रियों ने कामगारों की सुरक्षा, संरक्षा और कानूनी अधिकारों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
- दोनों ने डेटा साइंस, एआई और हाई-टेक जैसे उच्च कौशल वाले क्षेत्रों में भारतीय पेशेवरों के लिए अवसरों का विस्तार करने के महत्व पर जोर दिया।
इजरायली बूढ़ों की देखभाल में लगे हैं भारतीय
तेल अवीव में भारतीय दूतावास की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इजरायल में ज्यादातर भारतीय मुख्य रूप से इजरायली बुजुर्गों की देखभाल के लिए केयरगिवर के रूप में, हीरा व्यापारी, आईटी पेशेवर और छात्र शामिल हैं।
श्रमिकों से जुड़े मसलों पर जल्द होगी और चर्चा
दोनों नेताओं ने संयुक्त समन्वय समिति के कार्यों की समीक्षा की और जेसीसी को श्रमिकों से संबंधित लंबित मुद्दों पर चर्चा करने और उन्हें जल्द से जल्द हल करने के लिए नियमित रूप से बैठकें करने का निर्देश दिया।
इजरायल में रहते हैं भारतीय मूल के 85,000 यहूदी
- इजरायल के तेल अवीव में भारतीय दूतावास पर मिली जानकारी के अनुसार, इजरायल में भारतीय मूल के लगभग 85,000 यहूदी रहते हैं। भारत से इजरायल में आप्रवास 1950 और 1960 के दशक में तेजी से शुरू हुआ। इनमें से अधिकांश महाराष्ट्र (बेने इजरायली) से हैं और अपेक्षाकृत कम संख्या में केरल (कोचीनी यहूदी) और कोलकाता (बगदादी यहूदी) से हैं।
- हाल के वर्षों में, मिजोरम और मणिपुर (बेने मेनाचे) से भी कुछ भारतीय यहूदी इजरायल में आप्रवास कर रहे हैं। जहां एक ओर पुरानी पीढ़ी का भारत से गहरा जुड़ाव बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर युवा पीढ़ी इज़राइली समाज में अधिकाधिक रूप से घुल-मिल गई है।














