वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में प्रदर्शनकारी ‘मोदी-शाह तेरी कब्र खुदेगी, जेएनयू की धरती पर’ जैसे आपत्तिजनक और भड़ाकाऊ नारे लगाते दिख रहे हैं। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि देर शाम जेएनयू परिसर मेंर बड़ी संख्या में छात्र एकत्रित होकर आपत्तिजनकर नारेबाजीर कर रहे हैं। पूरे मामले पर जेएनयू विश्वविद्यालय की ओर से अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है।
जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन ने भी किया प्रदर्शन
वहीं दिन जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन ने भी यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन किया। साबरमती के गुरिल्ला ढाबे के पास हुए प्रदर्शन में यूनियन ने कहा है कि आरएसएस-बीजेपी-एबीवीपी की हिसा का यह दिन 5 जनवरी 2020, हम जेएनयू के स्टूडेट्स पर हमले को याद करते हैं। साथ ही, हम भारत के लोगों पर लगातार हो रहे अन्याय और जूडिशरी पर हो रहे हमले को भी याद कर रहे है।
यूनिवर्सिटी के पूर्व स्टूडेंट उमर खालिद और शरजिल इमाम को बेल की मंजूरी ना मिलने का मुद्दा भी गूंजा। बेल ना मिलने पर स्टूडेंट्स ने अफसोस जाहिर किया। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स असोसिएशन (आइसा) ने बयान जारी कर कहा कि हम गुलफिशा फातिमा, मौरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते है। हालांकि, उसी समय उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत ना देना विडंबना है। दूसरी ओर, जेएनयू टीचर्स असोसिएशन ने भी इसे जेएनयू प्रशासन और दिल्ली पुलिस की नाकाबिलियत बताया। साथ ही, उमर खालिद और शरजील इमाम की बेल ना होने पर सवाल कर अफसोस जाहिर किया।
स्टूडेंट्स बोले- 6 साल बाद भी जेएनयू को नहीं मिला न्याय
6 साल बाद भी नकाबपोशों के जेएनयू के घुसकर मारपीट करने मामले में एक भी दोषी को सजा ना मिलने पर स्टूडेंट्स ने कहा, आरएसएस और एबीवीपी ने मिलकर इस हमले की साजिश रची। मगर दो साल बाद भी जेएनयू को न्याय नहीं मिला।














