दोपहर बाद 1.00 बजे कंपनी का शेयर 6.88% की गिरावट के साथ 3986.05 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। घरेलू ब्रोकरेज फर्म JM Financial का कहना है कि एलएंडटी को पश्चिम एशिया के प्रोजेक्ट्स के पूरा करने में दिक्कत आ सकती है। साथ ही यूएई के रियल एस्टेट मार्केट में सुस्ती भी कंपनी की मुश्किलें बढ़ा सकती है। कंपनी की ऑर्डर बुक में पश्चिम एशिया की मजबूत हिस्सेदारी है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों में कंपनी के पास 7.33 लाख करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक था जिसमें पश्चिम एशिया की हिस्सेदारी 37 फीसदी है।
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कंपनी की मुश्किल
कंपनी ने खुद को हाइड्रोकार्बन सेगमेंट में लीडिंग कॉन्ट्रैक्टर के रूप में स्थापित किया है। फारस की खाड़ी खासकर पूर्वी सऊदी अरब में इसकी अच्छी खासी मौजूदगी है। लेकिन ताजा संकट से उसे अपने प्रोजेक्ट समय पर पूरा करने में दिक्कत हो सकती है। साथ ही यूएई में रियल एस्टेट बूम से कंपनी को चीनी कंपनियों से मिल रही प्रतिस्पर्धा से निपटने में मदद मिली थी। अगर सुरक्षा कारणों से रियल एस्टेट एक्टिविटी स्लो होती है तो प्रतिस्पर्धा बढ़ जाएगा और कंपनी का मार्जिन प्रभावित हो सकता है।














