शिवपुराण में बेलपत्र का महत्व
भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए भक्त शिवजी को अनेक प्रकार के पुष्प, फल आदि अर्पित करते हैं। वहीं, मान्यता है कि तीनों लोक में जितने भी पुण्य तीर्थ हैं वे सभी बेलपत्र के मूल भाग में स्थित हैं। शिवपुराण में बेलपत्र का खास महत्व बताया गया है। माना जाता है कि बेलपत्र से के साथ शिवजी की पूजा करने से शिव जी का विशेष आशीर्वाद भक्तों पर बना रहता है। साथ ही, जातक को मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है।
भगवान शिव की कृपा पाने का उपाय
महाशिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करने के पश्चात शिवजी का अभिषेक करना चाहिए। फिर, विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करें और साथ ही उन्हें 108 बेलपत्र अर्पित करें। बेलपत्र अर्पित करने के साथ-साथ 108 बार ‘ओम नमः शिवाय’ मंत्र का जाप भी अवश्य करें। ऐसा करने से जातक को शिवजी की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है। साथ ही, जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
इस उपाय से शिवलोक होता है प्राप्त
महाशिवरात्रि के दिन बेलपत्र की जड़ के पास एक दीपक अवश्य जलाना चाहिए। ऐसा करने से साधक को हर प्रकार के सुख की प्राप्ति हो सकती है। साथ ही, इस दिन बेलपत्र की जड़ को पास रखकर शिवभक्तों को भोजन कराने से अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि ऐसा करने से करोड़ों पुण्य के बराबर पुण्य फल प्राप्त हो सकता है। साथ ही, पुष्प, गंध और बेलपत्र के साथ शिवजी की आराधना करने से शिवलोक की प्राप्ति हो सकती है।
घर में सुख-समृद्धि का उपाय
मान्यता है कि घर में बेलपत्र का पौधा लगाना बेहद शुभ होता है। ऐसे में महाशिवरात्रि के दिन आप बेलपत्र का पौधा लाकर अपने घर पर लगा सकते हैं। माना जाता है कि बेलपत्र की शाखाओं में लक्ष्मीजी, पत्तों में मां पार्वती, तने में भोलेनाथ, जड़ों में गिरिजा माता, फल में मां कात्यायनी और फूल में मां गौरी का वास होता है। ऐसे में बेलपत्र का पौधा घर में लगाने से वहां सकारात्मकता, सुख, शांति और आर्थिक समृद्धि बनी रहती है।













