महाशिवरात्रि के दिन क्या नहीं करना चाहिए?
- मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भूलकर भी काले रंग के वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए। ऐसा करने से शिवजी रुष्ट हो सकते हैं। हिंदू धर्म में मान्यता है कि शुभ अवसरों पर काले रंग का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
- महाशिवरात्रि व्रत के दौरान मन में बुरे विचार नहीं रखने चाहिए। साथ ही, इस दिन झगड़े, बहस या कटु वचनों का प्रयोग करने से भी बचना चाहिए।
- व्रत के दौरान दिन के समय शयन करना वर्जित माना जाता है। ऐसे में महाशिवरात्रि व्रत के दिन दोपहर के समय शयन करने की बजाए शिवजी के मंत्रों का जाप करें।
- शिवजी की पूजा में कुछ चीजों का प्रयोग करना शुभ नहीं माना जाता है। भगवान शिव को भूलकर भी हल्दी, सिंदूर, केतकी, कमल और तुलसी कभी भी अर्पित नहीं करने चाहिए।
- भगवान की पूजा में शंख का प्रयोग करना भी वर्जित माना गया है। ऐसे में शिवलिंग का अभिषेक करते समय भूलकर भी शंख का प्रयोग न करें।
- महाशिवरात्रि का व्रत करने वालों को इस दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। केवल फलाहार करके व्रत रखना शुभ माना जाता है।
- व्रत रखने वालों को त्रयोदशी तिथि से ही लहसुन, प्याज आदि तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
- भगवान शिव की पूजा में खट्टे फलों का भोग लगाना वर्जित माना गया है। इसकी बजाए आप शिवजी को सफेद मिष्ठान का भोग लगा सकते हैं।
- शिव पुराण के अनुसार कभी भी शिवलिंग की पूरी परिक्रमा नहीं करनी चाहिए। हमेशा आधी परिक्रमा करना ही उचित माना जाता है। परिक्रमा के समय सोमसूत्र को लांघने गलती नहीं करनी चाहिए।
- व्रती के साथ-साथ परिवार के सदस्यों को भी महाशिवरात्रि पर कुछ नियमों का ध्यान रखना चाहिए। इस दिन तामसिक भोजन न करें, इसकी बजाए केवल सात्विक भोजन करना चाहिए।
महाशिवरात्रि के दिन क्या करना चाहिए?
- व्रत रखने वालों को त्रयोदशी तिथि से ही नियमों का ख्याल रखना चाहिए। इस दिन केवल सात्विक भोजन करना चाहिए। और अगले दिन सुबह स्नानादि करके व्रत का संकल्प अवश्य करना चाहिए।
- महाशिवरात्रि के दिन चार पहर की पूजा का विशेष महत्व होता है। ऐसे में व्रती को इस दिन चार पहर की पूजा अवश्य करनी चाहिए। साथ ही शिव जी के मंत्रों का जाप भी करें।
- व्रती को रात्रि के समय शिवजी की विशेष पूजा अर्चना करनी चाहिए। इस दिन निशीथ काल तक भगवान शिव के भजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
- महाशिवरात्रि का व्रत फलाहार करके रखना चाहिए। साथ ही, इस दिन शिवजी का अभिषेक भी अवश्य करें और उन्हें बेलपत्र, धतूरा आदि अर्पित करें।
- महिलाओं को शिवरात्रि के दिन माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित करनी चाहिए। ऐसा करने से दांपत्य जीवन सुखद बना रहता है।
- महाशिवरात्रि व्रत के दिन शाम के समय सात्विक भोजन किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए साधारण नमक की बजाए सेंधा नमक का प्रयोग करना चाहिए।













