13 फरवरी को पहला व्रत
महाशिवरात्रि से पहले 13 फरवरी को शुक्रवार है और इस दिन विजया एकादशी का संयोग बना है। और साथ ही शुक्रवार होने से वैभव लक्ष्मी व्रत का भी संयोग बन गया है। ऐसे में जो श्रद्धालु भक्त एकादशी और वैभव लक्ष्मी का व्रत रखते हैं उनका पहला व्रत 13 फरवरी को हो जाएगा।
14 फरवरी को प्रदोष व्रत का संयोग
महाशिवरात्रि से पहले 14 फरवरी को शनि प्रदोष व्रत का संयोग बन गया है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित व्रत है। इस व्रत से शनि महाराज भी प्रसन्न होते हैं और शनि प्रदोष व्रत रखने वाले व्रतियों को अपनी दशा अंतर्दशा में परेशान नहीं करते हैं। कई शिव भक्त प्रदोष व्रत का भी पालन करते हैं। ऐसे में जो लोग शुक्रवार व्रत, एकादशी व्रत एवं प्रदोष व्रत रखते हैं उनके लिए शनि प्रदोष दूसरे दिन का व्रत होगा।
15 फरवरी को महाशिवरात्रि का महापर्व
15 फरवरी रविवार को महाशिवरात्रि का महाव्रत है। जो इस हफ्ते का सबसे प्रमुख व्रत है। इस दिन शिव भक्तों को महादेव की महापूजा का अवसर प्राप्त होगा। इस दिन चार प्रहर की पूजा और रुद्राभिषेक का बड़ा ही महत्व है। जो भक्त एकादशी,वैभव लक्ष्मी, प्रदोष और महाशिवरात्रि का व्रत रखते हैं उनके लिए 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत तीसरा व्रत होगा।
16 फरवरी को सोमवती अमावस्या
दैवयोग से ऐसा संयोग बना है कि महाशिवरात्रि के अगले दिन यानी 16 फरवरी को सोमवती अमावस्या का भी संयोग बन गया है जो भगवान शिव को ही समर्पित है। ऐसे में जो सुहागन सोमवती अमावस्या का व्रत रखती हैं उनके लिए महाशिवरात्रि के अगले दिन का व्रत भी रहेगा। ऐसे में महाशिवरात्रि व्रत अबकी बार 4 दिनों के व्रत का संयोग बना रहा है। दरअसल 16 फरवरी को सोमवार है और शाम के समय अमावस्या तिथि का कुछ समय के लिए स्पर्श हो गया है। इसलिए इस दिन सोमवती अमावस्या का संयोग बना है।













