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  • Mumbai Musical Road: मुंबई में बनी देश की पहली सुरीली सड़क, गाड़ी गुजरने पर बजता है ‘जय हो’ गाना, जानें कैसे काम करती है जादुई टेक्नोलॉजी?

    मुंबई में देश की पहली सुरीली सड़क यानी कि म्यूजिकल रोड बनी है। इस रोड पर जब गाड़ी चलेगी तो शोर की जगह जय हो गाने की धुन सुनाई देगी। नरीमन पॉइंट से वर्ली को जोड़ने वाली नॉर्थबाउंड कोस्टल रोड पर यह करिशमा होते देखा और सुना जा सकता है। सड़क के 500 मीटर के


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    By Azad Hind Desk फरवरी 15, 2026
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    मुंबई में देश की पहली सुरीली सड़क यानी कि म्यूजिकल रोड बनी है। इस रोड पर जब गाड़ी चलेगी तो शोर की जगह जय हो गाने की धुन सुनाई देगी। नरीमन पॉइंट से वर्ली को जोड़ने वाली नॉर्थबाउंड कोस्टल रोड पर यह करिशमा होते देखा और सुना जा सकता है। सड़क के 500 मीटर के हिस्से पर जब 60-80 किमी/घंटा की रफ्तार से गाड़ी चलती है, तो फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर का ऑस्कर विनिंग सॉन्ग ‘जय हो’ गूंजने लगता है। इस अनोखी सड़क के पीछे की टेक्नोलॉजी भी इतनी ही अनोखी है क्योंकि इसमें किसी तरह का स्पीकर या इलेक्ट्रिक ताम-झाम नहीं लगा है। गाने वाली इस सड़क पर लगाए गई खास तरह की रबर स्ट्रिप्स और गाड़ी की रफ्तार मिलकर संगीत पैदा करती हैं।

    सुरीली सड़क के पीछे की टेक्नोलॉजी

    देश की पहली म्यूजिकल सड़क के पीछे किसी तरह का इलेक्ट्रॉनिक ताम-झाम जिम्मेवार नहीं है। असल में इस सड़क पर रंबल स्ट्रिप्स का इस्तेमाल किया गया है। इन्हें एक तय दूरी और गहराई के साथ बनाया जाता है। इन रबर की रंबल स्ट्रिप्स पर से जब गाड़ी एक तय गति पर गुजरती है, तो पैदा होने वाले घर्षण और कंपन से ही म्यूजिक पैदा होता है।

    कहने का मतलब है कि सिर्फ रबर की स्ट्रिप्स के ऊपर से गाड़ी के जाने पर होने वाला शोर ही गाने की धुन में तबदील हो जाता है। गौर करने वाली बात है कि रंबल स्ट्रिप्स को एक निश्चित गहराई और दूरी पर काटा गया है, ताकि इन पर से निकलने वाली गाड़ी का शोर म्यूजिक सा सुनाई दे।

    गाड़ी की सही रफ्तार भी है टेक्नोलॉजी का हिस्सा

    रिपोर्ट्स के मुताबिक,(REF.) म्यूजिकल सड़क की टेक्नोलॉजी में आवाज की फ्रीक्वेंसी पूरी तरह से खांचों के बीच की दूरी पर निर्भर करती है। टायर और खांचे के बीच तेज टकराव हाई-फ्रीक्वेंसी पर आवाज पैदा करता है। ऐसे में अगर गाड़ी की स्पीड सही हो, तो आपको जय हो गाने की धुन साफ सुनाई देती है। कहने का मतलब है कि म्यूजिकल सड़क की टेक्नोलॉजी का एक हिस्सा गाड़ी की सही रफ्तार भी है। सुरीली सड़क का यह जादुई अनुभव टनल से बाहर निकलते ही शुरू हो जाता है, जिसके लिए सड़क पर खास संकेत भी लगाए गए हैं।

    कई देशों में है म्यूजिकल रोड

    मुंबई की सुरीली सड़क हंगेरियन टेक्नोलॉजी पर आधारित है। बता दें कि हंगरी इस तरह की अनोखी टेक्नोलॉजी के जरिए ट्रैफिक कंट्रोल और सुरक्षित ड्राइविंग सुनिश्चित करते आया है। दरअसल इन सड़कों का जादू देखने के लिए लोग गाड़ी को तय गति पर चलाते हैं और सही लेन में भी चलते हैं।

    ऐसी सड़कों का इतिहास दुनिया में काफी पुराना है। दुनिया की सबसे पहली म्यूजिकल रोड एस्फाल्टोफोन थी और इसे डेनमार्क में दो कलाकारों, स्टीन क्रारुप जेन्सेन और जैकब फ्रायड-मैग्नस ने बनाया था। अब भारत भी इन खास तरह की सड़कों वाले देश के क्लब में शामिल हो गया है।

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