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  • NATO की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी, एर्दोगन ने अमेरिका से ये क्या मांग लिया, क्या तैयार होंगे ट्रंप?

    अंकारा: तुर्की अमेरिका के नेतृत्व वाले F-35 प्रोग्राम में शामिल होने के लिए बेचैन है। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने इसे नाटो की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है। एर्दोगन ने F-35 फाइटर जेट प्रोग्राम में तुर्की की फिर से एंट्री की मांग करते हुए कहा कि इससे वाशिंगटन के साथ संबंध मजबूत


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    By Azad Hind Desk जनवरी 5, 2026
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    अंकारा: तुर्की अमेरिका के नेतृत्व वाले F-35 प्रोग्राम में शामिल होने के लिए बेचैन है। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने इसे नाटो की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है। एर्दोगन ने F-35 फाइटर जेट प्रोग्राम में तुर्की की फिर से एंट्री की मांग करते हुए कहा कि इससे वाशिंगटन के साथ संबंध मजबूत होंगे और नाटो की सुरक्षा भी मजबूत होगी। बता दें कि अमेरिका ने रूस से S-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने के कारण तु्की को F-35 फाइटर जेट प्रोग्राम से बाहर निकाल दिया था। इतना ही नहीं, अमेरिका ने तुर्की के रक्षा उद्योग पर प्रतिबंध भी लगाया था।

    अमेरिका से संबंधों को सुधार रहा तुर्की

    ब्लूमबर्ग के सवालों के लिखित जवाब में एर्दोगन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने अच्छे संबंधों का हवाला देकर रूसी एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने से खराब हुए संबंधों को सुधारने की कोशिश की। एर्दोगन ने कहा कि उन्होंने सितंबर में व्हाइट हाउस में अपनी मुलाकात के दौरान ट्रंप से व्यक्तिगत रूप से यह बात कही थी, और रूस से सैन्य उपकरण खरीदने के कारण तुर्की को F-35 प्रोग्राम से बाहर निकालने के फैसले को “अन्यायपूर्ण” बताया था।

    एर्दोगन ने F-35 का राग अलापा

    एर्दोगन ने कहा, “ट्रंप के सत्ता में लौटने के साथ, तुर्की-अमेरिका संबंधों को अधिक उचित और रचनात्मक आधार पर ले जाने का एक अवसर सामने आया है।” उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ बेहतर संबंधों और नाटो की रक्षा के लिए “तुर्की को F-35 विमान मिलना, जिसके लिए उसने पहले ही भुगतान कर दिया है, और प्रोग्राम में उसका फिर से शामिल होना महत्वपूर्ण और आवश्यक है।”

    रूस को S-400 वापस करने को तुर्की तैयार

    तुर्की रूस से खरीदे गए S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को वापस करने की कोशिश कर रहा है। एर्दोगन ने तुर्कमेनिस्तान में एक बैठक के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ यह मुद्दा उठाया था। यह इस बात का संकेत है कि एर्दोगन अमेरिका के साथ अपने रक्षा संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। तुर्की में अमेरिकी राजदूत और ट्रंप के करीबी सहयोगी टॉम बैरक ने पिछले साल के अंत में कहा था कि अंकारा S-400 को छोड़ने के करीब पहुंच रहा है। उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि यह मुद्दा चार से छह महीनों में हल हो सकता है।

    अमेरिका से F-16 भी खरीदना चाहता है तुर्की

    तुर्की अमेरिका से F-16 ब्लॉक 70 विमान खरीदने की भी कोशिश कर रहा है, हालांकि कीमत पर अभी भी चर्चा चल रही है। एर्दोगन ने कहा कि अंकारा को उम्मीद है कि शर्तें नाटो गठबंधन की भावना के अनुरूप होंगी। इस दौरान उन्होंने तुर्की के यूरोफाइटर जेट खरीदने का उदाहरण दिया। तुर्की-अमेरिकी संबंधों में एक और कांटा तुर्की के सरकारी बैंक तुर्किये हाल्क बैंकसी एएस के आसपास लगभग एक दशक से चल रहा मामला रहा है। बैंक पर 2019 में ईरान पर लगे प्रतिबंधों से बचने के लिए अरबों डॉलर की योजना में कथित तौर पर शामिल होने का आरोप लगाया गया था। इस पर धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप हैं।

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