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  • ON THIS DAY 1964: लगातार 21 मेडन, 32 ओवर में सिर्फ 5 रन, क्रिकेट इतिहास का सबसे कंजूस स्पेल

    नई दिल्ली: क्रिकेट ने एक से बढ़कर एक दिग्गज गेंदबाज देखे हैं। कोई अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों के होश उड़ाता है तो कोई स्पिन से चमका दे देता है। हालांकि बल्लेबाजों के सबसे ज्यादा परेशानी ऐसे गेंदबाज से होती है, जिसकी लाइन लेंथ बेहतर हो। ऐसे गेंदबाजों के खिलाफ रन बनाना काफी मुश्किल होता है।


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    By Azad Hind Desk जनवरी 12, 2026
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    नई दिल्ली: क्रिकेट ने एक से बढ़कर एक दिग्गज गेंदबाज देखे हैं। कोई अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों के होश उड़ाता है तो कोई स्पिन से चमका दे देता है। हालांकि बल्लेबाजों के सबसे ज्यादा परेशानी ऐसे गेंदबाज से होती है, जिसकी लाइन लेंथ बेहतर हो। ऐसे गेंदबाजों के खिलाफ रन बनाना काफी मुश्किल होता है। ऐसे ही एक गेंदबाज थे- बापू नाडकर्णी। बाएं हाथ के इस स्पिनर के नाम टेस्ट में लगातार सबसे ज्यादा मेडन ओवर डालने का रिकॉर्ड है।

    इंग्लैंड के खिलाफ लगातार 21 मेडन ओवर

    1964 में इंग्लैंड की टीम भारत दौरे पर थी। चेन्नई में टेस्ट सीरीज का पहला मैच हुआ था। मैच के तीसरे दिन इंग्लैंड की पहली पारी में बाबू नाडकर्णी ने बल्लेबाजों पर अंकुश लगा दिया। बाएं हाथ के स्पिनर ने लगातार 21 मेडन ओवर डाले। इस दौरान लगातार 131 गेंदों पर उनके खिलाफ कोई रन नहीं बना। उस पारी में बापू ने 32 ओवर डाले। इसमें 27 मेडन थे। बाकी 5 ओवर में 1-1 रन बने। उन्होंने 32 ओवर में 5 रन दिए हालांकि कोई विकेट नहीं ले पाए। उनकी इकोनॉमी 0.15 की रही। यह टेस्ट इतिहास की एक पारी में सबसे बेहतरीन इकोनॉमी है।

    मैच की दूसरी पारी में उन्होंने 6 ओवर में 6 रन देकर 2 विकेट लिए थे। उस पारी में भारत की तरफ से 10 खिलाड़ियों ने बॉलिंग की। यह एक पारी में सबसे ज्यादा बॉलर इस्तेमाल करने का तब का रिकॉर्ड भी था। उस मैच की पहली पारी में भारत ने 457 रन बनाए थे। इंग्लैंड की टीम 317 रन ही बना सकी। दूसरी पारी में भारत ने 152 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। इंग्लैंड ने 5 विकेट पर 241 रन बनाए और मैच ड्रॉ हो गया।

    बापू नाडकर्णी ने भारत के लिए 41 टेस्ट खेले

    बापू नाडकर्णी ने 1955 में भारत के लिए डेब्यू किया था। 1968 में उन्होंने आखिरी मैच खेला। इस दौरान 41 टेस्ट में 88 विकेट लिए। उनकी इकोनॉमी सिर्फ 1.67 की रही। 25 से ज्यादा टेस्ट खेलने वाले खिलाड़ियों में सिर्फ साउथ अफ्रीका के ट्रेवर गोडार्ड (1.64) की इकोनॉमी से बापू से बेहतर है। उसी इंग्लैंड के दौरे पर कानपुर टेस्ट के दौरान नाडकर्णी ने 14 ओवर में 11 मेडन डाले और 3 रन दिए थे। उनकी इकोनॉमी 0.21 की रही। यह टेस्ट का दूसरा सबसे किफायती स्पेल है।

    मुंबई में जन्मे नाडकर्णी के नाम टेस्ट में शतक भी है। 67 पारियों में उन्होंने 25.7 की औसत से 1414 रन बनाए। एक शतक के अलावा उन्होंने 7 फिफ्टी लगाई। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 500 विकेट के साथ उनके नाम 8880 रन हैं। 17 जनवरी 2020 को मुंबई में उनका निधन हो गया था।

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