गावस्कर की मैराथन बल्लेबाजी और पाकिस्तानी गेंदबाजों की थकावट
इस ऐतिहासिक जीत के सूत्रधार लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर रहे, जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी से पाकिस्तानी गेंदबाजों को पूरी तरह पस्त कर दिया। गावस्कर ने क्रीज पर लगभग 10 घंटे बिताते हुए 166 रनों की मैराथन पारी खेली। उनकी इस पारी ने मैच पर भारत की पकड़ को इतना मजबूत कर दिया कि पाकिस्तान की टीम मुकाबले में वापसी नहीं कर सकी।
कपिल देव का ऐतिहासिक ऑलराउंड प्रदर्शन
दूसरी ओर, हरियाणा हरिकेन के नाम से मशहूर युवा कपिल देव ने गेंद और बल्ले दोनों से मैदान पर तूफान ला दिया। कपिल ने अपनी घातक गेंदबाजी से पूरे मैच में महज 136 रन देकर 11 विकेट चटकाए, जिससे पाकिस्तानी बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। गेंदबाजी के बाद उन्होंने बल्लेबाजी में भी अपना जौहर दिखाया और 84 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर टीम के स्कोर को विशाल बढ़त दिलाई।
27 साल के सूखे का अंत और सीरीज पर कब्जा
इन दोनों दिग्गजों के महान प्रयासों की बदौलत भारत ने यह मुकाबला 10 विकेट के बड़े अंतर से अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही भारत ने छह मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली थी। यह क्षण भारतीय फैंस के लिए भावुक कर देने वाला था, क्योंकि 1952 के बाद पहली बार टीम इंडिया ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को टेस्ट सीरीज में धूल चटाई थी।














