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  • Online Fraud: ऑनलाइन फ्रॉड में 50 हजार रुपये डूबें या 1 लाख, RBI देगा सिर्फ ₹25000 तक, जानें नया नियम

    नई दिल्ली: ऑनलाइन फ्रॉड के मामले में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) नए नियम लाने वाला है। रिजर्व बैंक के मुताबिक अगर किसी ग्राहक के साथ छोटा-मोटा ऑनलाइन फ्रॉड होता है तो उसे कुछ आर्थिक मदद दी जाएगी। हालांकि इसकी लिमिट तय होगी। नए नियमों के मुताबिक अगर आपके साथ कभी ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है और


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    By Azad Hind Desk फरवरी 6, 2026
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    नई दिल्ली: ऑनलाइन फ्रॉड के मामले में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) नए नियम लाने वाला है। रिजर्व बैंक के मुताबिक अगर किसी ग्राहक के साथ छोटा-मोटा ऑनलाइन फ्रॉड होता है तो उसे कुछ आर्थिक मदद दी जाएगी। हालांकि इसकी लिमिट तय होगी। नए नियमों के मुताबिक अगर आपके साथ कभी ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है और आपके पैसे डूब जाते हैं, तो आरबीआई आपको 25,000 रुपये तक की मदद दे सकता है।

    यह कदम ग्राहकों को डिजिटल पेमेंट में और ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए उठाया जा रहा है। रिजर्व बैंक जल्द ही इस बारे में ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी करेगा। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। गवर्नर ने बताया कि यह नियम इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग फ्रॉड में ग्राहक की जिम्मेदारी को लेकर भी जांच करेगा।
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    नए नियम की दो बड़ी बातें

    • रिजर्व बैंक ने यह भी बताया कि यह मुआवजा सिर्फ एक बार ही मिलेगा, हर साल नहीं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि लोग सतर्क रहें और बार-बार गलती न करें।
    • फ्रॉड की स्थिति में अधिकतम 25,000 रुपये तक का मुआवजा मिलेगा। आपको कितना पैसा वापस मिलेगा यह आपके नुकसान का 85% या 25,000 रुपये, जो भी कम हो, उतना होगा।

    उदाहरण से समझें कितने रुपये मिलेंगे

    • अगर आपके 50,000 रुपये का ऑनलाइन फ्रॉड हुआ है, तो 85% के हिसाब से 42,500 रुपये बनते हैं। लेकिन आपको सिर्फ 25,000 रुपये ही मिलेंगे, क्योंकि यही अधिकतम सीमा है।
    • अगर 1 लाख रुपये का फ्रॉड होता है तो 1 लाख का 85 फीसदी 85 हजार रुपये होते हैं। ऐसे में भी सिर्फ अधिकतम 25 हजार रुपये मिलेंगे।
    • अगर आपका नुकसान 20,000 रुपये का हुआ है, तो 85% के हिसाब से 17,000 रुपये बनते हैं। इस मामले में आपको 17,000 रुपये का पूरा मुआवजा मिलेगा।

    कितना हुआ फ्रॉड?

    रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में कार्ड और इंटरनेट से जुड़े फ्रॉड के 13,469 मामले सामने आए थे, जिनमें 5.2 अरब रुपये का नुकसान हुआ। इससे पहले 2023-24 में 29,080 फ्रॉड हुए थे और 14.57 अरब रुपये का नुकसान हुआ था।

    इस नियम की भी समीक्षा

    रिजर्व बैंक साल 2017 के उस नियम की भी समीक्षा कर रहा है जिसमें बिना इजाजत के हुए इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग फ्रॉड में ग्राहक की कितनी जिम्मेदारी होगी, यह बताया गया है। इस नियम में बताया गया है कि किन हालातों में ग्राहक की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी और किन में थोड़ी जिम्मेदारी होगी। रिजर्व बैंक जल्द ही इस पर लोगों की राय जानने के लिए संशोधित निर्देश जारी करेगा।

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