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  • Pakistan Army: पाकिस्तान ने क्यों की हमास कमांडर की मेजबानी, असीम मुनीर की एक चाल से चित हुए डोनाल्ड ट्रंप

    इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने कैमरों के सामने हमास कमांडर की अगवानी कर खुद को एक बड़े संकट से बाहर निकाल लिया है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मांग की थी कि कई देश गाजा में शांति सेना भेजें। इसमें पाकिस्तान भी शामिल था। हालांकि, पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर घरेलू अवाम के साथ-साल


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    By Azad Hind Desk जनवरी 12, 2026
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    इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने कैमरों के सामने हमास कमांडर की अगवानी कर खुद को एक बड़े संकट से बाहर निकाल लिया है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मांग की थी कि कई देश गाजा में शांति सेना भेजें। इसमें पाकिस्तान भी शामिल था। हालांकि, पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर घरेलू अवाम के साथ-साल इस्लामिक दुनिया की प्रतिक्रिया को लेकर परेशान थे। ऐसे में उन्होंने ऐसी चाल चली, जिससे पाकिस्तानी सेना को गाजा में भेजने की योजना खारिज हो गई और ट्रंप के भी गुस्से का शिकार नहीं बनना पड़ा।

    गाजा में पाकिस्तानी सेना की तैनाती चाहता था अमेरिका

    अमेरिका गाजा में इजरायल के हमलों के बाद पुनर्निर्माण और आर्थिक उन्नति के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (ISF) की तैनाती चाहता था। इसके लिए अमेरिका ने पाकिस्तान सहित कई मुस्लिम देशों से संपर्क किया था। पाकिस्तान को उस समय अमेरिका की बात को मानना पड़ा था। हालांकि, जैसे इसकी सूचना पाकिस्तान तक पहुंची, कट्टरपंथी ताकतों ने पाकिस्तानी सेना की आलोचना शुरू कर दी। कई मुस्लिम देशों में भी गाजा में सैन्य तैनाती के खिलाफ प्रदर्शन हुए।

    ट्रंप को उलझाने के लिए पाकिस्तान ने चली चाल

    ऐसे में पाकिस्तान ने ट्रंप को उलझाने के लिए एक चाल चली। उसने हमास नेता खालिद मशाल के एक विशेष प्रतिनिधि नाजी जहीर को गुजरांवाला में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकी कैंप में बुलाया। नाजी को लश्कर के कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बनाया गया। इस दौरान उन्होंने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के गुर्गों के साथ बैठकें भी की। वीडियो में दिखाया गया है कि एक मॉडरेटर जहीर का परिचय दे रहा है, जबकि समर्थक “नारा-ए-तकबीर!” और “अल्लाहु अकबर!” के नारे लगा रहे हैं। बताया जाता है कि जहीर ने पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान LeT कमांडर राशिद अली संधू से भी मुलाकात की। PMML लश्कर-ए-तैयबा का राजनीतिक मोर्चा है।

    नाजी जहीर का पाकिस्तान दौरा

    मिडिल ईस्ट मीडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट (MEMRI) की सितंबर 2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार, हमास नेता नाजी जहीर ने पहले भी पाकिस्तान का दौरा किया था। वह अप्रैल 2024 में पाकिस्तान आया था। उस समय जहीर को इस्लामाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन का मेहमान बनाया गया। जहीर ने 2025 में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का दौरा भी किया था। 7 अक्टूबर 2023 के हमलों के एक हफ्ते बाद जहीर ने पेशावर में फिलिस्तीन समर्थक रैली को भी संबोधित किया था। इस रैली में खालिद मशाल ने भी वर्चुअली हिस्सा लिया था और फिलिस्तीन के मुद्दे पर समर्थन करने के लिए पाकिस्तान को धन्यवाद दिया था।

    पाकिस्तान को मिली मनचाही मुराद

    पाकिस्तान की हमास के साथ नजदीकियों को देखते हुए इजरायल ने गाजा में पाकिस्तानी सेना की तैनाती पर सवाल उठाए थे। भारत में इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने कहा था कि उनका देश पाकिस्तानी सेना की मौजूदगी से सहज नहीं है। उन्होंने लश्कर और जैश के साथ हमास के संबंधों का भी जिक्र किया था। इससे पाकिस्तान को गाजा में अपनी सेना की तैनाती से बचने का मौका मिल गया। बड़ी बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इजरायल की इच्छा के खिलाफ पाकिस्तानी सेना को गाजा में तैनात करने का दबाव नहीं बनाएंगे। ऐसे में पाकिस्तान ने सार्वजनिक तौर पर ऐलान किया कि अब पाकिस्तानी सेना गाजा में तैनात नहीं होगी।

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