पाकिस्तान ने क्या बताया
पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने बयान जारी कर कहा, “उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ऑधिकारिक यात्रा पर स्विट्जरलैंड के दावोस से संयुक्त अरब अमीरात के दुबई पहुंचे हैं। अपनी यात्रा के दौरान इशाक डार यूएई के अधिकारियों के साथ आधिकारिक बैठक करेंगे।” पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने इससे ज्यादा कोई जानकारी साझा नहीं की है। हालांकि उनकी यह यात्रा अप्रत्याशित मानी जा रही है।
पाकिस्तान इतना परेशान क्यों है
पाकिस्तान को आशंका है कि भारत संयुक्त अरब अमीरात के साथ बड़ा रक्षा समझौता कर सकता है। यह रक्षा समझौता पाकिस्तान-सऊदी अरब रक्षा समझौते जैसा हो सकता है, जिसमें एक पर हमला दूसरे पर हमला माना जाएगा। ऐसे में पाकिस्तान को डर है कि अगर भारत-यूएई में रक्षा समझौता होता है तो भविष्य में उसकी मुश्किलें बढ़ सकती है। पाकिस्तान ने यूएई से भारी मात्रा में कर्ज लिया हुआ है। इसके अलावा बड़ी संख्या में पाकिस्तानी यूएई में नौकरी करते हैं। पाकिस्तान यूएई व्यापार को भी नुकसान पहुंच सकता है।
भारत दौरे पर आए थे यूएई के राष्ट्रपति
यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 19 जनवरी को भारत यात्रा पर आए थे। उनका यह दौरा मात्र साढ़े तीन घंटे का था, लेकिन इस दौरान भारत और यूएई के बीच कई बड़े समझौते भी हुए। इस दौरान भारत और यूएई के बीच एक स्ट्रैटेजिक डिफ़ेंस पार्टनरशिप के लिए समझौते का फ़्रेमवर्क तैयार करने की दिशा में काम करने की ख़ातिर एक लेटर ऑफ़ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा अंतरिक्ष, व्यापार, अबू धाबी में हाउस ऑफ इंडिया का निर्माण, एलएनजी निर्यात समझौता, परमाणु सहयोग समझौता, गुजरात में हवाई अड्डा स्थापित करने का समझौता अहम है।















