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  • Pakistan Vs India: ‘बांग्लादेश को लूट रहा था पाकिस्तान तो भारत ने लड़ा धर्मयुद्ध…चुप रहने पर चुकानी होती बड़ी कीमत’, आर्मी कमांडर की कहानी

    नई दिल्ली: ‘जब बांग्लादेश में मुक्ति संग्राम चल रहा था, उस वक्त पूरी दुनिया पाकिस्तानी फौजों के सामूहिक नरसंहार को मूक दर्शक बनकर देख रही थी। ऐसे में क्या हम अपने पड़ोस में चल रहे बर्बर अत्याचार पर तमाशबीन बने रह सकते थे। पाकिस्तानी सैनिकों की ओर से हजारों बांग्लादेशी बहनों की इज्जत तार-तार हो


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    By Azad Hind Desk फरवरी 16, 2026
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    नई दिल्ली: ‘जब बांग्लादेश में मुक्ति संग्राम चल रहा था, उस वक्त पूरी दुनिया पाकिस्तानी फौजों के सामूहिक नरसंहार को मूक दर्शक बनकर देख रही थी। ऐसे में क्या हम अपने पड़ोस में चल रहे बर्बर अत्याचार पर तमाशबीन बने रह सकते थे। पाकिस्तानी सैनिकों की ओर से हजारों बांग्लादेशी बहनों की इज्जत तार-तार हो रही थी, ऐसे में हमें दखल देना पड़ा। पाकिस्तान का यह अत्याचार नरसंहार से ज्यादा बदतर था।’ एक इंटरव्यू में भारतीय सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने कहा था। मंडे मोटिवेशन में अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित मनोज कटियार की प्रेरक कहानी जानते हैं।

    ले. जनरल मनोज कटियार ने जब कहा-भारत ने हमेशा लड़ा धर्मयुद्ध

    सेना की वेस्टर्न कमांड के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने उस इंटरव्यू में कहा था-भारत ने हमेशा से धर्मयुद्ध लड़ा है। यही सिद्धांत हमारी सभ्यता है। उन्होंने 1948 से लेकर अब तक पाकिस्तान के खिलाफ लड़ी गई जंग का हवाला देते हुए कहा कि भारत ने सही तरीके से सही कारण के लिए लड़ाई लड़ी है। कश्मीरी लोगों के साथ रेप, मर्डर और लूट की वारदातें की गईं।

    ‘आपकी अंतरात्मा को बड़ी कीमत चुकानी होगी’

    ले. जनरल कटियार ने इंडिया टुडे को बीते साल दिसंबर के आखिर में यह इंटरव्यू दिया था। उस वक्त उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तानी सैनिक विधर्मी ही थे, जो 1948 में लुटेरों के वेश में 1948 में आए थे।
    1971 का युद्ध भी धर्मयुद्ध का एक उदाहरण है। बांग्लादेश में जो हुआ, उसे भुलाया नहीं जा सकता है। हजारों बांग्लादेशियों को मार दिया गया। उन्होंने कहा अगर आप अपराध या बुराई के सामने चुप्पी साध लेते हैं तो आपकी अंतरात्मा को इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी। मौजूदा दौर में पाकिस्तान के करीब जाने वाले बांग्लादेश पर उन्होंने कहा-अगर हम इतिहास से सबक नहीं सीखते हैं तो इसकी भी कीमत चुकानी पड़ती है।

    सियाचिन ग्लेशियर पर तैनात रहे हैं मनोज कटियार

    लेफ्टिनेंट जनरल कटियार घोड़ाखाल, नैनीताल के सैनिक स्कूल से पढ़े हैं। वह नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला-पुणे और इंडियन मिलिट्री एकेडमी-देहरादून से पासआउट हुए हैं। कटियार ने जून, 1986 में सेना की राजपूत रेजिमेंट की 23वीं बटालियन में कमीशन हुए। यह रेजिमेंट 1965 और 1971 के युद्धों में पाकिस्तान को धूल चटा चुकी है। वह सियाचिन ग्लेशियर, पाकिस्तान से लगी नियंत्रण रेखा (LOC) और चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तैनात रह चुके हैं। वह 1 जुलाई, 2023 से वेस्टर्न कमांड में जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ हैं।

    नियंत्रण रेखा पर आतंकरोधी ऑपरेशनों में आगे

    कटियार पश्चिमी सीमाओं पर एक इन्फैंट्री ब्रिगेड को भी कमांड कर चुके हैं। यह लाइन ऑफ कंट्रोल पर आतंकवाद रोधी ऑपरेशनों से लेकर सीमा सुरक्षा को मुस्तैदी से अंजाम देती है। वह सेना की माउंटेन डिवीजन के मुख्यालय का भी नेतृत्व कर चुके हैं।

    मनोज कटियार ने DGMO का प्रभार भी संभाला

    लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कटियार ने 11 मई, 2022 को डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) का प्रभार संभाला है। इस रोल में टॉप लेवल के अधिकारियों का सीधे नई दिल्ली से संपर्क रहता है। इस भूमिका में मनोज कटियार ने लाइन ऑफ कंट्रोल पर पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशनल प्लानिंग, इंटेलीजेंस इंटीग्रेशन और सीमाई विवादों के दौरान रीयल टाइम मैनेजमेंट का बेहतरीन तालमेल बिठाया।

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