• Business
  • PF कंट्रीब्यूशन, सैलरी, गेच्युटी… सरकार ने दूर कर दिया कनफ्यूजन, जनता से मांगे सुझाव

    नई दिल्ली: सरकार ने नए श्रम कानूनों के तहत नियमों का मसौदा जारी किया है। लोगों से इन पर प्रतिक्रिया मांगी गई है। लोगों को 45 दिनों के अंदर अपनी आपत्तियां और सुझाव देने के लिए कहा गया है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि जब तक नए नियम पूरी तरह से लागू


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 1, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: सरकार ने नए श्रम कानूनों के तहत नियमों का मसौदा जारी किया है। लोगों से इन पर प्रतिक्रिया मांगी गई है। लोगों को 45 दिनों के अंदर अपनी आपत्तियां और सुझाव देने के लिए कहा गया है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि जब तक नए नियम पूरी तरह से लागू नहीं हो जाते, तब तक पुराने नियम ही चलते रहेंगे, बशर्ते वे नए लेबर कोड के अनुरूप हों। औद्योगिक संबंध नियमों के लिए लोगों के 30 दिन के भीतर आपत्ति और सुझाव देने को कहा गया है।

    नए लेबर कोड में कई बदलाव किए गए हैं। इनमें प्रॉविडेंट फंड (PF) का योगदान, वेतन और ग्रेच्युटी की गणना का तरीका शामिल है। अब सभी चार लेबर कोड में ‘वेतन’ की एक समान परिभाषा लागू होगी। इस परिभाषा में मूल वेतन, महंगाई भत्ता और रिटेनिंग भत्ता शामिल होंगे। हालांकि, भत्तों पर 50% की सीमा लगाई गई है। इसका मतलब है कि अगर कोई भत्ता, ग्रेच्युटी और छंटनी मुआवजे को छोड़कर, कुल कमाई के 50% से अधिक है, तो उस अतिरिक्त राशि को वैधानिक गणनाओं के लिए वेतन में जोड़ा जाएगा। वहीं, प्रदर्शन प्रोत्साहन जैसी चीजें वेतन का हिस्सा नहीं मानी जाएंगी।

    Nationwide Strike: लेबर कोड वापस लो वरना आर-पार की लड़ाई, हड़ताल पर जाने का बजा बिगुल, तारीख का ऐलान

    ग्रेच्युटी की गणना

    ईवाई इंडिया में पार्टनर (पीपल एडवाइजरी सर्विसेज-टैक्स) पुनीत गुप्ता का कहना है कि चार लेबर कोड के तहत जारी किया गया मसौदा केंद्रीय नियम कई परिचालन पहलुओं पर स्पष्टता प्रदान करता है, जिनका नियोक्ता बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। उदाहरण के लिए कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी के नियम बताते हैं कि ग्रेच्युटी की गणना कर्मचारी द्वारा आखिरी बार प्राप्त वेतन के आधार पर की जाएगी। इसमें वार्षिक प्रदर्शन-आधारित वेतन, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, स्टॉक विकल्प और भोजन वाउचर जैसे घटक शामिल नहीं होंगे। पुनीत गुप्ता का कहना है कि यह स्पष्टीकरण कंपनियों को अपनी ग्रेच्युटी देनदारी का अधिक प्रभावी ढंग से अनुमान लगाने में मदद करेगा।

    इसी तरह, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की स्थिति संहिता ओवरटाइम और काम करने की स्थितियों पर महत्वपूर्ण प्रावधान पेश करती है। अब श्रमिकों को सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम करने पर दोगुना वेतन मिलेगा। कंपनियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि लगातार दस कार्य दिवसों से अधिक काम न हो और श्रमिकों को आराम के दिन मिलें। पुनीत गुप्ता कहते हैं कि इन उपायों का उद्देश्य उत्पादकता और कर्मचारी कल्याण के बीच संतुलन बनाना है।

    Navbharat TimesNew Labour Codes 2025 FAQ: छंटनी के ल‍िए शर्त, ओवरटाइम पेमेंट, सैलरी स्ट्रक्चर…नए लेबर कोड से जुड़े हर सवाल का जवाब

    FAQs की लिस्ट

    पुनीत गुप्ता के अनुसार, अन्य उल्लेखनीय प्रावधानों में 40 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों के लिए वार्षिक चिकित्सा जांच शामिल है, खासकर फैक्ट्री, डॉक, खदान, भवन और अन्य निर्माण कार्य जैसे क्षेत्रों में। साथ ही, जहां क्रेच सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां प्रति बच्चा कम से कम ₹500 का क्रेच भत्ता दिया जाएगा। अंतर-राज्यीय प्रवासी श्रमिकों के लिए यात्रा भत्ते का भी प्रावधान है। मसौदा नियमों के अलावा सरकार ने नई श्रम संहिताओं के मतलब, वेतन की परिभाषा, ग्रेच्युटी गणना आदि के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQs) की एक सूची भी जारी की है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।