नए लेबर कोड में कई बदलाव किए गए हैं। इनमें प्रॉविडेंट फंड (PF) का योगदान, वेतन और ग्रेच्युटी की गणना का तरीका शामिल है। अब सभी चार लेबर कोड में ‘वेतन’ की एक समान परिभाषा लागू होगी। इस परिभाषा में मूल वेतन, महंगाई भत्ता और रिटेनिंग भत्ता शामिल होंगे। हालांकि, भत्तों पर 50% की सीमा लगाई गई है। इसका मतलब है कि अगर कोई भत्ता, ग्रेच्युटी और छंटनी मुआवजे को छोड़कर, कुल कमाई के 50% से अधिक है, तो उस अतिरिक्त राशि को वैधानिक गणनाओं के लिए वेतन में जोड़ा जाएगा। वहीं, प्रदर्शन प्रोत्साहन जैसी चीजें वेतन का हिस्सा नहीं मानी जाएंगी।
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ग्रेच्युटी की गणना
ईवाई इंडिया में पार्टनर (पीपल एडवाइजरी सर्विसेज-टैक्स) पुनीत गुप्ता का कहना है कि चार लेबर कोड के तहत जारी किया गया मसौदा केंद्रीय नियम कई परिचालन पहलुओं पर स्पष्टता प्रदान करता है, जिनका नियोक्ता बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। उदाहरण के लिए कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी के नियम बताते हैं कि ग्रेच्युटी की गणना कर्मचारी द्वारा आखिरी बार प्राप्त वेतन के आधार पर की जाएगी। इसमें वार्षिक प्रदर्शन-आधारित वेतन, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, स्टॉक विकल्प और भोजन वाउचर जैसे घटक शामिल नहीं होंगे। पुनीत गुप्ता का कहना है कि यह स्पष्टीकरण कंपनियों को अपनी ग्रेच्युटी देनदारी का अधिक प्रभावी ढंग से अनुमान लगाने में मदद करेगा।
इसी तरह, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की स्थिति संहिता ओवरटाइम और काम करने की स्थितियों पर महत्वपूर्ण प्रावधान पेश करती है। अब श्रमिकों को सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम करने पर दोगुना वेतन मिलेगा। कंपनियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि लगातार दस कार्य दिवसों से अधिक काम न हो और श्रमिकों को आराम के दिन मिलें। पुनीत गुप्ता कहते हैं कि इन उपायों का उद्देश्य उत्पादकता और कर्मचारी कल्याण के बीच संतुलन बनाना है।
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FAQs की लिस्ट
पुनीत गुप्ता के अनुसार, अन्य उल्लेखनीय प्रावधानों में 40 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों के लिए वार्षिक चिकित्सा जांच शामिल है, खासकर फैक्ट्री, डॉक, खदान, भवन और अन्य निर्माण कार्य जैसे क्षेत्रों में। साथ ही, जहां क्रेच सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां प्रति बच्चा कम से कम ₹500 का क्रेच भत्ता दिया जाएगा। अंतर-राज्यीय प्रवासी श्रमिकों के लिए यात्रा भत्ते का भी प्रावधान है। मसौदा नियमों के अलावा सरकार ने नई श्रम संहिताओं के मतलब, वेतन की परिभाषा, ग्रेच्युटी गणना आदि के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQs) की एक सूची भी जारी की है।












