ममता बनर्जी के लिए साल 2026 : चुनावों में मुकाबला होगा कड़ा
वर्ष 2026 ममता बनर्जी के लिए परीक्षा, परिपक्वता और राजनीतिक खींचतान का वर्ष सिद्ध होगा । यह समय न तो पूर्ण सहजता का है और न ही पूर्ण संकट का, बल्कि निरंतर दबाव के बीच अपनी पकड़ बनाए रखने का संकेत दे रहा है। प्रशासन, संगठन और जन भावनाओं, तीनों स्तरों पर उन्हें एक साथ सजग रहना होगा। वर्ष के आरंभ में विरोध और आलोचना की तीव्रता बनी रह सकती है। केंद्र राज्य टकराव, नीतिगत प्रश्न और आंतरिक असंतोष जैसे मुद्दे उनके लिए यक्ष प्रश्न बनेंगे। हालांकि, उनका अनुभव, जमीनी जुड़ाव तथा जन संवाद की शैली उन्हें बढ़त दिलाने लगेगी।
यह समय आक्रामकता से अधिक राजनीतिक धैर्य का रहेगा। विधानसभा चुनाव की दृष्टि से, 2026 में ममता बनर्जी का प्रदर्शन मिश्रित किंतु प्रभावी रहने के संकेत दे रहा है। मुकाबला कड़ा होगा, विरोधी सक्रिय रहेंगे, पर उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता, संघर्षशील छवि और महिला, जनसमर्थन उन्हें निर्णायक भूमिका में बनाए रखेगा। सीटों में उतार-चढ़ाव संभव है, अनुमान के विपरीत पर राजनीतिक बढ़त उनके पक्ष में झुकती दिखाई तो दे रही है, पर बेहद कम वोटों का अंतर तनाव का सबब भी बनेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से थकान और तनाव का कारण बनेगा। 2026 ममता बनर्जी के लिए संघर्ष के बीच संतुलन साधकर टिके रहने और नेतृत्व को पुनः स्थापित करने का वर्ष है।
देवेंद्र फडणवीस के लिए साल 2026 : संकल्प, संयम और संतुलन का वर्ष
राजनीति के लंबे आकाश में कुछ साल महज गुजरते नहीं, वे किसी-किसी को तपा कर उसके व्यक्तित्व की परीक्षा भी लेते हैं। देवेंद्र फडणवीस के लिए वर्ष 2026 ऐसा ही एक कालखंड बनता दिखाई देता है, जहां सत्ता केवल अधिकार नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व बनकर उनसे आंख से आंख मिला सकती है। यह साल उनसे शब्दों की नहीं, कर्म की भाषा में बात करेगा। प्रशासनिक निर्णयों में वह बेहद स्पष्ट रहेंगे। सभी की परवाह करते हुए भी नुक़्ताचीनी करने वालों से बेपरवाह। उनके हर फैसले को जनता अपनी निगाह से परखेगी और इतिहास भी वक्त की कसौटी पर कसेगा। वर्ष का आरंभ अपेक्षाकृत संयमित रहेगा, पुरानी नीतियों और प्रशासनिक परम्पराओं का पुनर्मूल्यांकन, व्यवस्थाओं का सूक्ष्म निरीक्षण और अधूरी योजनाओं को पूर्णता देने की चेष्टा प्रमुख रहेगी। इस समय वह शोर शराबे से दूर रहकर ढांचा मजबूत करने का प्रयास करेंगे। लेकिन उन्हें भीतर घात का भी सामना करना पड़ सकता है।
चुनावों के परिणाम उनकी दूरगामी भूमिका तय करेंगे। राजनीतिक मित्रों की हरकतें बेचैन करेगी। मध्य काल में परिस्थितियां अधिक सक्रिय होंगी। जनविश्वास, लोकप्रियता और कार्य-परिणाम एक साथ सामने आएंगे। यह वही दौर होगा जब किए गए निर्णय धरातल पर दिखाई देंगे, सड़क, शासन, प्रशासन और सामाजिक संतुलन के रूप में। पर यहीं सावधानी भी आवश्यक है; अति-आत्मविश्वास और जल्दबाजी विरोध को जन्म देगी। 2026 का संदेश स्पष्ट है, स्थिरता ही शक्ति है। वर्ष के उत्तरार्ध में दबाव बढ़ेगा। अपने प्रयास करेंगे। यदि अनुशासन, धैर्य और दीर्घ दृष्टि बनी रही, तो यह कालखंड भविष्य की नींव सिद्ध होगा। भविष्य में उनकी भूमिका बड़ा आकार और विस्तार लेगी। स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन इस वर्ष की मौन पुकार है। कुल मिलाजुला कर, 2026 देवेंद्र फडणवीस के लिए सत्ता को साधने का नहीं, उसे अर्थ देने का वर्ष है, जहां राजनीति से अधिक उनके प्रशासनिक कदम बोलेंगे और व्यक्तित्व, निर्णयों में प्रतिबिंबित होगा।
प्रियंका गांधी के लिए 2026, आंतरिक उफान का संकेत
प्रियंका गांधी की जन्मकुंडली सत्ता की चमक से अधिक संयमित शक्ति की कथा कहती है। मिथुन लग्न की चपल बुद्धि, धनु राशि में सूर्य, बृहस्पति, बुध का तेजस्वी संयोग और कुम्भस्थ शुक्र, ये ग्रह-संरचनाएँ उन्हें असाधारण जनसंपर्क, वैचारिक स्पष्टता और दीर्घकालिक राजनीतिक संभावना से सम्पन्न करती हैं। यह योग नेतृत्व को शोर नहीं, संतुलन और विवेक के साथ साधने की प्रवृत्ति देता है।
सप्तम भाव में सूर्य और गुरु का राजलक्षण योग उन्हें जनसमूह से सहज संवाद, संकट में स्थिर मुख-मुद्रा और निर्णय की मौन दृढ़ता प्रदान करता है। नवांश और जैमिनी दृष्टि से देखें तो धनु कराकांश में स्थित यह त्रिग्रह योग भीतर एक शांत किंतु प्रखर राजनीतिक साधक को गढ़ता है, जो मंच पर कम, रणनीति में अधिक बोलता है। वहीं नीच चंद्र तथा राहु-शनि के दबाव पारिवारिक, मानसिक और छवि-संबंधी उलझनों की पृष्ठभूमि रचते हैं, जो उनके पथ को कठिन बनाते हैं।
2024 से आरंभ सूर्य महादशा का काल 2026 में आंतरिक उफान का संकेत देता है, औपचारिक पद से अधिक निर्णायक प्रभाव का विस्तार। यह वर्ष बाहरी ताज से पहले, संगठन के भीतर भरोसे, संतुलन और अदृश्य नेतृत्व के सुदृढ़ीकरण का है। उनका तेवर सत्ता पक्ष को परेशान करेगा। संक्षेप में, 2026 प्रियंका गांधी के लिए सत्ता की घोषणा नहीं, सत्ता-संरचना का वर्ष है, जहाँ उनकी मूक योजना, उनके व्यक्तित्व का विस्तार करेगी।














