समाज सेवा के लिए गुरबाज ने ठुकराया पीएसएल का ऑफर
रहमानुल्लाह गुरबाज ने सोशल मीडिया के जरिए अपने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद वे इस सीजन में उपलब्ध नहीं रहेंगे। गुरबाज ने अपने संदेश में कहा, ‘वर्ल्ड कप के बाद, मैं अपने व्यस्त शेड्यूल और अफगानिस्तान में अपने फाउंडेशन (Gurbaz Foundation) के काम पर ध्यान केंद्रित करने के कारण पीएसएल में नहीं खेल पाऊंगा।’ उनके इस फैसले ने पेशावर जाल्मी की रणनीतियों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है।
अफगानी खिलाड़ियों का PSL से किनारा?
सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के अनुसार, न केवल गुरबाज, बल्कि मुजीब उर रहमान और नवीन उल हक जैसे अन्य प्रमुख अफगानी खिलाड़ियों ने भी इस बार पीएसएल से दूरी बनाने का मन बना लिया है। हालांकि इसकी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि 11 फरवरी को होने वाली पीएसएल नीलामी के लिए अब तक किसी भी अफगानी खिलाड़ी ने अपना रेजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।
पेशावर जाल्मी का हाल
पेशावर जाल्मी ने इस सीजन के लिए अपने कोर ग्रुप को बरकरार रखा है। टीम ने बाबर आजम को प्लैटिनम कैटेगरी में 7 करोड़ पीकेआर (PKR 70 million) की मोटी फीस पर रिटेन किया है। इनके अलावा सुफियान मुकीम (4.48 करोड़), अब्दुल समद (2.8 करोड़) और अली रजा (1.96 करोड़) को भी रिटेन किया गया है। जाल्मी ने अब तक अपने कुल 45 करोड़ पीकेआर के बजट में से लगभग 16.24 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं।
IPL के साथ सीधा टकराव
पीएसएल 2026 के लिए सबसे बड़ी चुनौती इसका शेड्यूल है। इस साल टूर्नामेंट का सीधा मुकाबला दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग यानी IPL के साथ होने वाला है। पीएसएल 26 मार्च से शुरू होकर 3 मई तक चलेगा, और इसी दौरान आईपीएल का भी आयोजन होगा। ऐसे में विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता और प्रसारण अधिकारों को लेकर पीएसएल पर काफी दबाव देखा जा रहा है, उम्मीद है कि आईपीएल के कारण पीएसएल को इस सीजन भारी नुकसान होगा।













