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  • Rafale Vs Apache: अमेरिका के हेलिकॉप्टर को छोड़ा, फ्रांस के राफेल जेट को जोड़ा…भारत से यूं ही नहीं नाराज हैं ट्रंप?

    नई दिल्ली: हाल ही में भारत के रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों को खरीदने और छह P-8I लॉन्ग रेंज मैरीटाइम सर्विलांस एयरक्रॉफ्ट खरीदने का सौदा किया है। हालांकि, P-8I बनाने वाली अमेरिकी कंपनी बोइंग इस डील से बहुत खुश तो नहीं होगी। दरअसल, भारत ने अपनी इस 40 बिलियन डॉलर की


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    By Azad Hind Desk फरवरी 20, 2026
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    नई दिल्ली: हाल ही में भारत के रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों को खरीदने और छह P-8I लॉन्ग रेंज मैरीटाइम सर्विलांस एयरक्रॉफ्ट खरीदने का सौदा किया है। हालांकि, P-8I बनाने वाली अमेरिकी कंपनी बोइंग इस डील से बहुत खुश तो नहीं होगी। दरअसल, भारत ने अपनी इस 40 बिलियन डॉलर की रक्षा खरीद की लिस्ट में अपाचे अटैक हेलिकॉप्टरों को शामिल नहीं किया है।

    ट्रंप ने किया था बड़ा दावा, भारत ने नहीं दिया भाव

    यूरेशियन टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यह दावा किया था कि भारत कुल 68 अपाचे खरीदेगा। मगर, ऐसा लगता है कि भारत ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई। 2015 से 2025 के बीच भारत ने कुल 28 अपाचे हेलिकॉप्टरों के ऑर्डर दिए थे। आखिरी तीन हेलिकॉप्टरों की खेप 16 दिसंबर, 2025 को भारत आई थी।

    क्या अपाचे छोड़ने के पीछे इसकी कीमत है बड़ी वजह

    रिपोर्ट के अनुसार, एक पूरी तरह से तैयार अपाचे की कीमत करीब 150 मिलियन डॉलर बैठती है। वहीं, भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर प्रचंड की कीमत महज 48 मिलियन डॉलर ही पड़ती है। ऐसे में माना जा रहा है कि भारत ने अपनी रक्षा खरीदारी की लिस्ट में अपाचे को शामिल नहीं किया है।
    भारत में पूरे साजोसामान के साथ एक राफेल की कीमत 2,850 करोड़ रुपये बैठती है, क्योंकि इसमें मीटियोर या स्कैल्प मिसाइलें, हैमर बॉम्ब, सिमुलेटर्स, स्पेयर्स, मरम्मत और स्थानीय स्तर पर प्रोडॅक्शन के लिए तकनीक ट्रांसफर की लागत भी शामिल हैं।

    ड्रोन, एडवांस रडार और डिफेंस सिस्टम से हेलिकॉप्टर्स फेल

    एक सैन्य जर्नलिस्ट डेविड एक्स कहते हैं कि मौजूदा आधुनिक युद्धों में लड़ाकू हेलिकॉप्टरों के बचे रहने और प्रासंगिकता गिर रही है। उन्होंने अपने कई लेखों में कहा है कि कम कीमत वाले ड्रोन, एडवांस रडार और एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम से ये हेलीकॉप्टर आसान शिकार बन जाते हैं।
    उन्होंने बताया कि 2022 की शुरुआत में यूक्रेनी सेना ने बड़ी आसानी से Ka-52 और Mi-28 गन से लैस रूस के हेलिकॉप्टरों को मार गिराया था। 2024 के आखिर में यूक्रेन के FPV (First Person View) ड्रोन ने रूसी हेलिकॉप्टरों को हवा में इंटरसेप्ट किया और उन्हें नुकसान पहुंचाया था।

    जापान और कोरिया ने भी अपाचे को छोड़ दिया

    जापान ने खुद अपने बेड़े से AH-1 कोबरा और बोइंग AH-64D अपाचे हेलिकॉप्टरों को ड्रोन से बदल दिया। यह काम तीन साल पहले ही शुरू हो गया था। इसने अपने लड़ाकू बेड़े के रोटरक्रॉफ्ट 12 बोइंग AH-64s, 50 Bell AH-1s और 37 Kawasaki OH–1s को ड्रोन से बदल दिया गया।
    दक्षिण कोरिया ने भी कुछ अटैक हेलिकॉप्टर्स खरीदने का प्लान रद्द कर दिया। इससे पहले 36 AH-64E अपाचे गार्जियन हेलिकॉप्टरों को खरीदा गया था।

    फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा-राफेल डील से रणनीतिक मजबूती

    India AI Impact Summit में हिस्सा लेने भारत आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि मैं आपके देश से प्यार करता हूं। उन्होंने फ्रांस-भारत के रिश्तों को खास बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच 114 राफेल फाइटर की डील से भारत की रक्षा तैयारियों को बढ़त और रणनीतिक मजबूती मिलेगी।

    मैक्रों ने कहा-आलोचना क्यों, ये आपके देश को मजबूत बनाएगी

    मैक्रों ने यह भी कहा कि मुझे यह समझ नहीं आता कि आखिर क्यों लोग इस डील की आलोचना कर रहे हैं। यह आपके देश को मजबूत बनाएगी। साथ ही दो देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को आगे ले जाएगी।
    साथ ही यह डील बहुत नौकरियां भी पैदा करेगी। हम इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि इंडियन कंपोनेंट्स और क्रिटिकल डिवाइसेज ज्यादा से ज्यादा हों और ये भारत में ही बनें।

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