पहला रोजा कब रखा जाएगा?
रमजान को इस्लामी चंद्र कैलंडर के अनुसार मनाया जाता है। हिजरी कैलंडर में रमजान साल का नौवां महीना होता है। भारत में रमजान 19 फरवरी को चांद दिखने के बाद मनाया जाएगा। 18 फरवरी को चांद दिखने पर रमजान 19 फरवरी से शुरू होगा और अगर 18 फरवरी को चांद नहीं दिखा तो रमजान की शुरुआत 20 फरवरी से होगी और उसी दिन पहला रोजा रखा जाएगा।
मीठी ईद कब मनाई जाएगी?
इस्लामी चंद्र कैलंडर में हर महीना 29 या 30 दिनों का होता है। रमजान के 29वें दिन ईद-उल-फितर मनाई जाती है। ऐसे में अगर 18 फरवरी को चांद का दीदार होता है तो मीठी ईद 20 या 21 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन लोग सुबह की नमाज के बाद एक दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देते हैं।
रमजान में पांच वक्त की नमाज
रमजान को अल्लाह की इबादत के लिए सबसे पवित्र महीना माना जाता है। रमजान के महीने में पांच वक्त की नमाज पढ़ी जाती है। इसे नमाजे फज्र, जुहर, असर, मगरिब और ईसा कहा जाता है। रमजान के महीने में नियमों का सख्ती से पालन किया जाता है। इस दौरान सभी बुरी आदतों से दूर रहकर रोजा रखा जाता है।
रमजान में सेहरी और इफ्तार
रोजा रखने वाले सुबह से शाम तक खाने-पीने से परहेज करते हैं। रमजान के दिनों में सुबह उठकर सूर्योदय से पहले सेहरी का खाना खाते हैं और शाम के समय इफ्तार कर अपना रोजा खोलते हैं। इस दौरान परिवार के सबी लोग एक साथ बैठ कर खाना खाते हैं।













