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  • Russian Oil Imports India: समुद्र में फर्जी नाम, बंद लोकेशन… भारतीय बंदरगाहों पर चुपके से तेल उतार रहे रूसी शैडो फ्लीट

    नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच 2 फरवरी को एक ट्रेड डील हुई। इसमें अमेरिका ने शर्त रखी की भारत को रूसी तेल खरीदना बंद करना होगा। साथ ही भारत को अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदना होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद करने पर


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    By Azad Hind Desk फरवरी 4, 2026
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    नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच 2 फरवरी को एक ट्रेड डील हुई। इसमें अमेरिका ने शर्त रखी की भारत को रूसी तेल खरीदना बंद करना होगा। साथ ही भारत को अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदना होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद करने पर सहमत हो गया है। हालांकि भारत की तरफ से ऐसा कोई दावा नहीं किया गया। वहीं रूस ने भी कहा है कि उसे भारत की तरफ से ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है। लेकिन इस बीच भारत में रूसी तेल का आयात जारी है।

    रूस-यूक्रेन के बाद भारत रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया था। भारत को आयात होने वाले कच्चे तेल में रूसी तेल की सबसे ज्यादा मात्रा थी। हालांकि ट्रंप की 500 फीसदी टैरिफ की धमकी के बाद भारत ने रूस से तेल का आयात कम कर दिया था, लेकिन बंद नहीं किया। ट्रंप ने भी कहा था कि भारत ने रूसी तेल खरीदना कम कर दिया है। ट्रंप रूसी तेल को लेकर जो भी दावा करें, लेकिन हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। सीएनबीसी ने डेटा के हवाले से बताया है कि प्रतिबंधों वाले रूसी तेल को ले जाने वाले गुप्त टैंकर ( शैडो फ्लीट ) अभी भी भारतीय बंदरगाहों पर तेल उतार रहे हैं।
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    क्या है शैडो फ्लीट?

    • शैडो फ्लीट (Shadow Fleet) टैंकरों और जहाजों का एक ऐसा गुप्त नेटवर्क है जो समुद्र में नकली नाम से चलता है।
    • यह नेटवर्क इंटरनेशनल बैन को दरकिनार कर तेल और कच्चे माल की तस्करी करता है। इन्हें ‘डार्क फ्लीट’ (Dark Fleet) भी कहा जाता है।
    • ये जहाज अपनी लोकेशन छिपाने के लिए AIS (स्वचालित पहचान प्रणाली) को बंद कर देते हैं, फर्जी झंडे लगाते हैं और शेल कंपनियों का इस्तेमाल करते हैं।
    • रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए बैन से बचने के लिए इस बेड़े का इस्तेमाल रूस द्वारा किया जा रहा है।

    भारत में कितने टैंकर आ रहे?

    ग्लोबल डेटा और एनालिटिक्स फर्म केप्लर (Kpler) के जहाजों की ट्रैकिंग से पता चला है कि रूस के गुप्त बेड़े से जुड़े चार टैंकर भारतीय बंदरगाहों पर बैन वाले तेल को उतार रहे हैं या उतारने की प्रक्रिया में हैं। ये चार टैंकर इस प्रकार हैं:
    जियानिस (Giannis): चेन्नई रिफाइनरी में रूसी तेल यूराल्स उतार रहा है।
    निक्सोरा (Nyxora): यह पारादीप रिफाइनरी में यूराल्स तेल उतार रहा है।
    टिबुरोन (Tiburon): यह टैंकर वाडिनार रिफाइनरी में यूराल्स तेल उतार रहा है।
    सीजन्स 1 (Seasons 1): इसे मंगलवार सुबह वाडिनार के बाहर ट्रैक किया गया था, लेकिन अभी तक उसने तेल नहीं उतारा है।

    शैडो फ्लीट में 1400 जहाज

    हाल के महीनों में प्रतिबंधों वाले तेल को ले जाने वाले इस शैडो फ्लीट ने वेनेजुएला और ईरान के तेल पर अमेरिका के बढ़ते प्रतिबंधों और रूसी कच्चे तेल के बढ़ते प्रवाह के खिलाफ यूरोप के हस्तक्षेप से बचने के तरीके ढूंढ लिए हैं। इस बेड़े में करीब 1400 जहाज होने का अनुमान है।

    बैन के बावजूद शैडो फ्लीट में तेजी

    प्रतिबंधित कच्चे तेल पर नकेल कसने के बावजूद रूस तेजी से अपने गुप्त बेड़े (शैडो फ्लीट) में जहाजों को जोड़ रहा है। साथ ही उन जहाजों को फिर से झंडा दे रहा है जो कभी वेनेजुएला के तेल का परिवहन करते थे। दिसंबर में 17 प्रतिबंधित जहाजों को रूस के लिए फिर से झंडा दिया गया था। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के तेल की नाकाबंदी में जब्त किए गए टैंकरों में से एक हाल ही में फिर से झंडा दिया गया रूसी जहाज था।

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