अगर सुपर जायंट्स यह मुकाबला हार जाते, तो लांस क्लूजनर की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाती। लेकिन अब उनकी निगाहें आज बाद में जोहानेसबर्ग सुपर किंग्स और प्रिटोरिया कैपिटल्स के बीच होने वाले मुकाबले पर टिकी होंगी। जेएसके की जीत डीएसजी की प्लेऑफ की उम्मीदों को समाप्त कर सकती है। हालांकि, फिलहाल सुपर जायंट्स मार्करम की इस बेबाक पारी का जश्न मनाएंगे। सनराइजर्स ईस्टर्न केप से किंग्समीड आने के बाद मार्करम को खुद को ढालने में थोड़ा समय लगा, लेकिन इस मुकाबले में उन्होंने सर्वोच्च स्तर की बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया।
मैच उस समय बराबरी पर था जब डीएसजी ने 7.2 ओवर में 53/3 का स्कोर बना लिया था और उनके तीनों बड़े विदेशी सितारे – सुनील नरेन, जोस बटलर और केन विलियमसन- पवेलियन लौट चुके थे। ऐसे में पारी को संभालने की जिम्मेदारी मार्करम और हेनरिक क्लासेन पर आ गई। दोनों ने मिलकर सिर्फ 48 गेंदों में 81 रनों की अहम साझेदारी की।
क्लासेन (21 गेंदों में 29 रन) आमतौर पर किसी के साथ सहायक भूमिका में नहीं दिखते, लेकिन इस दिन वह भी मार्करम की विस्फोटक बल्लेबाजी को निहारते रह गए। क्रीज पर डटे रहते हुए मार्करम ने सीधे मैदान के ऊपर से लगातार प्रहार किए और बाउंड्री की झड़ी लगा दी। 79 रन पर ओटनील बार्टमैन की गेंद पर डीप में उनका कैच छोड़ना रॉयल्स को भारी पड़ा।
रॉयल्स के स्टार ऑलराउंडर सिकंदर रजा के खिलाफ मार्करम का आक्रमण निर्णायक साबित हुआ। एसए20 सीज़न 4 में शानदार फॉर्म में चल रहे रजा (0/57) को किंग्समीड में मार्करम ने पूरी तरह निशाने पर ले लिया। मार्करम ने उनकी पारी के दूसरे आखिरी ओवर में 28 रन बटोरे, जिसमें तीन छक्के और दो चौके शामिल थे। इसी ओवर में उन्होंने अपने टी20 करियर का दूसरा शतक भी पूरा किया, जिसे किंग्समीड की भीड़ ने जोरदार तालियों के साथ सराहा। हार्डस विल्जोएन के बेहतरीन करियर सर्वश्रेष्ठ आंकड़े 4/21 भी डीएसजी की रफ्तार को रोक नहीं सके।













