हालांकि एमआई केप टाउन बोनस अंक हासिल करने से चूक गया, जिसके चलते प्रिटोरिया कैपिटल्स (20 अंक) सनराइजर्स (24 अंक) और पार्ल रॉयल्स (24 अंक) के साथ प्लेऑफ में जगह पक्की करने वाली तीसरी टीम बन गई। लगातार पांचवीं बार पूरी तरह भरे न्यूलैंड्स स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने घरेलू टीम का जोरदार समर्थन किया। ट्रेंट बोल्ट ने पारी की पहली ही गेंद पर फॉर्म में चल रहे क्विंटन डी कॉक को विकेटकीपर के हाथों कैच कराकर शानदार शुरुआत दिलाई।
एमआई केप टाउन ने पूरे मुकाबले में दबाव बनाए रखा। ट्रेंट बोल्ट ने अपनी लय में वापसी करते हुए 3/28 के आंकड़े दर्ज किए, जबकि कॉर्बिन बॉश ने 4/34 की घातक गेंदबाजी के साथ सनराइजर्स की पारी समेटी। दो-तरफा उछाल वाली न्यूलैंड्स की पिच पर सनराइजर्स के बल्लेबाजों को तालमेल बिठाने में खासी मुश्किल हुई। केवल मार्को यानसेन ही खुलकर बल्लेबाजी कर सके। लंबे कद के इस ऑलराउंडर ने 23 गेंदों में 48 रन की तेज पारी खेली, जिसमें चार छक्के और तीन चौके शामिल थे। उनके अलावा जेम्स कोल्स ने 27 गेंदों में 28 रन की संयमित पारी खेली, जिसकी बदौलत सनराइजर्स 20 ओवर में 139/9 तक पहुंच सके।
यानसेन ने अपनी शानदार फॉर्म को गेंदबाजी में भी जारी रखते हुए पावरप्ले में ही रासी वैन डर डुसन और फॉर्म में चल रहे रयान रिकेल्टन के विकेट झटक लिए, जिससे सनराइजर्स को मनचाही शुरुआत मिली। इसके बावजूद रीजा हेंड्रिक्स (43 गेंदों में 41 रन) ने एक छोर संभालते हुए एंकर की भूमिका निभाई और सुनिश्चित किया कि एमआई केप टाउन लगातार विकेट गिरने के बावजूद लक्ष्य के करीब बना रहे।
प्लेयर ऑफ द मैच के दावेदारों में कॉर्बिन बॉश, ट्रेंट बोल्ट, रीज़ा हेंड्रिक्स और मार्को यानसेन शामिल थे, जिसमें अंततः यह सम्मान कॉर्बिन बॉश को मिला। ऑलराउंडर जॉर्ज लिंडे ने 18 गेंदों में 31 रन की तेज़ पारी खेली, जबकि नए विदेशी खिलाड़ी कीरोन पोलार्ड ने 14 गेंदों में 20 रन जोड़े। इसके बावजूद सनराइजर्स अंत तक मुकाबले में बने रहे। मैच उस समय रोमांचक हो गया जब पेनल्टीमेट ओवर की आखिरी गेंद पर हेंड्रिक्स, एनरिक नॉर्खिया की गेंद पर डीप कवर में कैच आउट हो गए। तब एमआई केप टाउन को अंतिम ओवर में जीत के लिए चार रन चाहिए थे।
अंततः सनराइजर्स के ऑलराउंडर सेनुरन मुथुसामी (2/25) ने ओवर-स्टेप कर नो-बॉल फेंकी, जिससे कॉर्बिन बॉश को फ्री-हिट मिली और एमआई केप टाउन ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत ने चैंपियन टीम को टूर्नामेंट में बनाए रखा।













